सौर मंडल के बाहर मिला ‘चंद्रमा’, बृहस्‍पति जितने बड़े एक्सोप्लैनेट के लगाता है चक्‍कर

इस खोज से उत्साहित रिसर्चर्स का मानना है कि कई और भी चंद्रमा होने की संभावना है, जो हमारे चंद्रमा के जैसे हो सकते हैं।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 5 फरवरी 2022 16:25 IST
ख़ास बातें
  • अगर जांच में यह कन्‍फर्म हो जाता है, तो यह पहला ‘एक्सोमून’ बन सकता है
  • हालांकि चार पहले भी एक खगोलीय पिंड के एक्‍सोमून होने की बात कही गई थी
  • उस खोज की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है

हालांकि चार पहले भी एक खगोलीय पिंड के एक्‍सोमून होने की बात कही गई थी। उस खोज की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है।

वैज्ञानिकों ने 10,000 से ज्‍यादा एक्सोप्लैनेट (exoplanets) की खोज की है, जो हमारे सौर मंडल से बाहर हैं। हालांकि वैज्ञानिक उनमें से किसी की परिक्रमा करते हुए चंद्रमा का पता नहीं लगा पाए हैं। एक नई स्‍टडी में वैज्ञानिकों ने खोज की नई रूपरेखा तैयार की है। शोधकर्ताओं को लगता है कि अब उन्हें जो खगोलीय पिंड मिला है, वह सौर मंडल के बाहर किसी ग्रह की परिक्रमा करने वाला विशाल चंद्रमा हो सकता है। यह चंद्रमा, बृहस्पति के आकार के एक एक्सोप्लैनेट की परिक्रमा करता है। अगर जांच में यह कन्‍फर्म हो जाता है, तो यह पहला ‘एक्सोमून' बन सकता है।

हालांकि चार पहले भी एक खगोलीय पिंड के एक्‍सोमून होने की बात कही गई थी। उस खोज की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। कई विशेषज्ञों को लगता है कि इस खगोलीय पिंड के साथ भी यही हो सकता है। वैसे इन दोनों खगोलीय पिंडों में कई खासियत भी हैं। ये एक ही ग्रह के चक्‍कर लगाते हैं। हाल में मिला खगोलीय पिंड पहले मिले पिंड से थोड़ा छोटा है। वैज्ञानिकों को लगता है कि ये दोनों चीजें गैस से बनी हैं। यह ग्रह भी हो सकती थीं, लेकिन दूसरे ग्रह ने इन्‍हें अपनी कक्षा में खींच लिया। 

नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, नया ऑब्‍जेक्‍ट पृथ्वी से 5,500 प्रकाश वर्ष दूर एक एक्सोप्लैनेट ‘केप्लर 1708बी' के चारों ओर घूम रहा है। वैज्ञानिकों ने नासा के केपलर स्पेस टेलीस्कोप की मदद से करीब 70 ऐसे ऑब्‍जेक्‍ट को देखा। इनमें से सिर्फ एक ऑब्‍जेक्‍ट ऐसा मिला, जो एक्‍सोमून होने का संकेत देता है। यह खगोलीय पिंड पृथ्वी से लगभग 2.6 गुना बड़ा है।

इस खोज से उत्साहित रिसर्चर्स का मानना है कि कई और भी चंद्रमा होने की संभावना है, जो हमारे चंद्रमा के जैसे हो सकते हैं। चार साल पहले खोजे गए एक्‍सोमून के दावेदार और अब खोजे गए एक्‍सोमून की रिसर्च से जुड़े डेविड किपिंग का कहना है कि किसी भी सर्वे में पहली खोज आम तौर पर अजीब होगी। एक्‍सोमून के दोनों उम्मीदवार अपने तारे से दूर स्थित हैं। इसका मतलब है कि उनके अपनी कक्षाओं से बाहर निकाले जाने की संभावना कम है। अब देखना यह है कि यह रिसर्च कब तक कन्‍फर्म होती है और चार साल पहले की गई रिसर्च के निष्‍कर्ष कब तक पुख्‍ता हो पाते हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 200MP कैमरा के साथ 2026 के बेस्ट मिडरेंज स्मार्टफोन! Realme 16 Pro+, Vivo V60e समेत जानें पूरी लिस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. SL vs PAK T20 Live Streaming: आज T20 वर्ल्डकप में श्रीलंका-पाकिस्तान का मैच, यहां देखें फ्री!
  2. HMD Luma लॉन्च हुआ 4GB रैम, 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ, जानें सबकुछ
  3. Honor 600 में 9000mAh बैटरी का खुलासा, मिल सकता है 200MP कैमरा!
  4. Xiaomi को फिर मिला नं. 1 स्मार्ट वियरेबल ब्रांड का ताज! Apple, Huawei, Samsung को पछाड़ा
  5. 200MP कैमरा के साथ 2026 के बेस्ट मिडरेंज स्मार्टफोन! Realme 16 Pro+, Vivo V60e समेत जानें पूरी लिस्ट
  6. MWC 2026: पहली बार! फोन से बाहर निकाल सकेंगे कैमरा, Ulefone ला रही सबसे अनोखा स्मार्टफोन
  7. प्राइस अलर्ट! 1 मार्च से Vivo, iQOO के ये स्मार्टफोन Rs 2500 तक हो सकते हैं महंगे, जानें पूरी लिस्ट
  8. 5 हजार सस्ता मिल रहा 7100mAh बैटरी वाला OnePlus का यह धांसू फोन!
  9. Huawei Mate 80 Pro का इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  10. Xiaomi QLED TV X Pro 75 की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.