26 लाख साल पुराना सागर 50 सालों में हो गया गायब! NASA की चौंकाने वाली रिपोर्ट

26 लाख साल पहले अरल सागर बना था जब दोनों नदियों ने अपने प्रवाह का रास्ता बदला था।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 10 फरवरी 2024 18:15 IST
ख़ास बातें
  • कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच था सागर
  • सिंचाई परियोजना के आते ही सागर सूखना शुरू हो गया
  • यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वॉटर बॉडी थी

अरल सागर 50 सालों में हो चुका है गायब

Photo Credit: X/99blackbaloons

क्लाइमेट चेंज किस कदर पृथ्वी की सूरत बदल रहा है, इसका एक चौंकाने वाला उदाहरण नासा ने तस्वीर के जरिए बताया है। कुछ ही सालों में देखते-देखते एक पूरा सागर धरती से गायब हो जाता है! क्या आप यकीन करेंगे? ऐसा हुआ है! जनवरी 2024 लगातार दूसरा महीना बताया गया है जब ग्लोबल टेम्परेचर नॉर्मल से ज्यादा आंका गया है। बल्कि इसने ग्लोबल औसत तापमान को 1.5 डिग्री के थ्रेशहोल्ड से भी ऊपर पहुंचा दिया है। 1.5 डिग्री वह सीमा है जिससे ऊपर अगर धरती गर्म होती है तो इसके विनाशकारी परिणाम होंगे। 

ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी को किस कदर नुकसान पहुंचा सकती है, इसका अंदाजा नासा के द्वारा शेयर की गई एक फोटो से लगा सकते हैं। कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच कभी एक सागर हुआ करता था, जिसका नाम अरल सागर था। यह सागर 68 हजार स्क्वेयर किलोमीटर में फैला था। यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वॉटर बॉडी थी जो चारों ओर से जमीन से घिरी थी। लेकिन यह 2010 तक पूरा सूख गया! NDTV की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह 1960 में तब सूखना शुरू हुआ था जब इसमें पानी भरने वाली नदियों को सोवियत में सिंचाई हेतु मोड़ दिया गया था। 

NASA की Earth Observatory ने अरल सागर से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पेश की है। जिसके मुताबिक सोवियत संघ ने सिंचाई हेतु 1960 में इस क्षेत्र की दो बड़ी नदियों- सिर दरिया, और अमु दरिया को मोड़ दिया था ताकि मरुस्थल में बनाए गए कपास के खेतों और दूसरी फसलों को पानी दिया जा सके। जिसके बाद अरल सागर सूखना शुरू हो गया। 

Encyclopaedia Britannica के अनुसार, लगभग 26 लाख साल पहले अरल सागर बना था जब दोनों नदियों ने अपने प्रवाह का रास्ता बदला था। सागर जब अपने पूरे आकार में था, तब यह उत्तर से दक्षिण दिशा में 435 किलोमीटर में फैला हुआ था, और पूर्व से पश्चिम में 290 किलोमीटर के दायरे में फैला था। सिंचाई परियोजना के आते ही सागर सूखना शुरू हो गया और इसका सारा पानी भाप बनकर उड़ गया। इस पुराने पानी के स्रोत के बचाने के लिए कजाकिस्तान ने अंतिम प्रयास भी किया। देश ने इसके उत्तर से दक्षिण में एक बांध बना दिया। लेकिन पूरे सागर को पानी से नहीं भरा जा सका। अब इसके छोटे से हिस्से में ही पानी दिखाई देता है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Xiaomi 17T vs Vivo X300 FE vs OnePlus 15: किस फोन में मिलती है ज्यादा वैल्यू? यहां देखें पूरा कंपैरिजन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Maruti Suzuki Wagon R Flex Fuel: मारुति लाई देश की पहली ऐसी कार जो इथेनॉल पर भी दौड़ेगी!
  2. भारत में लॉन्च हुई Green SM इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस, VinFast के EVs का होगा इस्तेमाल
  3. Philips, Braun को टक्कर देने ग्रूमिंग मार्केट में उतरा boAt, लॉन्च की Slazer सीरीज, कीमत ₹799 से शुरू
  4. Instagram Plus Launched: अब बिना Seen हुए देख सकेंगे Story, पैसे देकर मिलेंगे कई नए फीचर्स
  5. Vivo X Fold 6 में हो सकती है 6,900mAh की बैटरी, 3C पर हुई लिस्टिंग
  6. OnePlus प्रोडक्ट्स खरीदने की इच्छा? स्मार्टफोन, टैबलेट और ईयरफोन्स पर मिल रहा भारी डिस्काउंट!
  7. इस स्टार्टअप का AI आपके काम नहीं आया तो मिलेंगे 95 करोड़ रुपये!
  8. Google Chrome में छिपे हैं आपके पुराने पासवर्ड, ऐसे करें चेक
  9. 10,000mAh बैटरी वाला फोन खरीदना है? Realme के इस मोबाइल पर मिल रही है जबरदस्त डील
  10. अब प्रेग्नेंसी बताएगी आपकी घड़ी, Apple के नए AI मॉडल ने कर दिखाया कमाल!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.