भारत में BIS सर्टिफिकेशन लागू होने के बाद घरेलू स्तर पर स्क्रीन प्रोटेक्टर का प्रोडक्शन बढने की संभावना है।
स्क्रीन प्रोटेक्टर से डिस्प्ले पर खरोंच नहीं लगती है।
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भारतीय बाजार में स्मार्टफोन के बाद से ही स्क्रीन पर प्रोटेक्टर लगाने का चलन बन गया है। स्क्रीन गार्ड, टेम्पर्ड ग्लास और अन्य कई तरह के ग्लास के वर्जन में स्क्रीन प्रोटेक्टर मार्केट में उपलब्ध हैं। ग्राहक 50 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक की कीमत में स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीद सकते हैं। मगर क्या ये स्क्रीन प्रोटेक्टर सचमुच आपके फोन की स्क्रीन को बचा सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि कोई स्टैंडर्ड प्रक्रिया नहीं है, जिनके तहत इन प्रोटेक्टर का निर्माण किया जाता हो। बाजार में लो क्वालिटी और बिना किसी सर्टिफिकेशन वाले ग्लास मौजूद हैं। मगर अब केंद्र सरकार इन पर नकेल कसना चाहती है और सभी स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए BIS सर्टिफिकेशन अनिवार्य कर रही है, जो कि अप्रैल 2027 से लागू होगा। मगर क्या इसके बाद स्क्रीन प्रोटेक्टर महंगे हो जाएंगे, सस्ते टेम्पर्ड ग्लास नहीं मिलेंगे, इन सभी सवालों के जवाब यहां पर विस्तार से दे रहे हैं।
BIS कब से अनिवार्य होगा?
स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए BIS कंप्लाइंस 1 अप्रैल, 2027 से अनिवार्य होगा। इसमें स्टैंडर्ड IS 19348:2025 ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर स्पेसिफिकेशन होगा।
किन पर लागू होगा यह नियम
यह नियम भारत में तैयार और विदेश से इंपोर्टेड, दोनों तरह के स्क्रीन प्रोटेक्टर पर लगेगा। यानी कि चाहे भारत में बने या चीन या किसी देश से मंगवाया जाए, सभी को एक जैसी क्वालिटी प्रदान करने के लिए बीआईएस सर्टिफिकेशन लेना अनिवार्य होगा।
क्या BIS के बिना स्क्रीन प्रोटेक्टर मिलेंगे?
भारत में बिना निर्धारित कंप्लाइंस BIS मार्क वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को देश में तैयार नहीं किया जा सकेगा, इंपोर्ट नहीं किया जा सकेगा, इसके अलावा सेल के लिए स्टोर करना, सेल करना या डिस्ट्रीब्यूट करने की अनुमित नहीं होगी।
बाजार में लो-क्वालिटी वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर मिलेंगे?
अब सभी कंपनियों को स्क्रीन प्रोटेक्टर को एक स्टैंडर्ड क्वालिटी के तहत बनाना होगा और BIS सर्टिफिकेशन चाहिए होगा।
भारत में कितने प्रतिशत स्क्रीन प्रोटेक्टर विदेशों से इम्पोर्ट होते हैं?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बेचे जाने वाले करीबन 90 प्रतिशत स्क्रीन प्रोटेक्टर विदेशों से इम्पोर्ट किए जाते हैं, सबसे अधिक लगभग 90 प्रतिशत से भी ज्यादा इम्पोर्ट चीन से होता है।
क्या भारत में स्क्रीन प्रोटेक्टर का प्रोडक्शन बढ़ेगा?
भारत में BIS सर्टिफिकेशन लागू होने के बाद घरेलू स्तर पर स्क्रीन प्रोटेक्टर का प्रोडक्शन बढने की संभावना है। विदेशों से इम्पोर्ट किए जाने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए भी भारतीय स्टैंडर्ड को पूरा करना होगा। इससे लो-कॉस्ट वाले वाले नॉन कंप्लाइंट इम्पोर्ट के लिए मार्केट में एक्सेस मुश्किल हो जाएगा।
क्या स्क्रीन प्रोटेक्टर महंगे होंगे?
स्क्रीन प्रोटेक्टर पर BIS सर्टिफिकेशन लागू होने से लो क्वालिटी वाले ग्लास मिलने बंद हो जाएंगे और सभी कंपनियों को एक तय स्टैंडर्ड से ग्लास को तैयार करना होगा। ऐसे में सस्ते और लो क्वालिटी वाले ग्लास खत्म हो सकते हैं, क्योंकि एक अच्छी क्वालिटी उपलब्ध करवाने से ग्लास की कीमत ज्यादा होने की संभावना है।
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