1 सेकंड में डाउनलोड होंगी कई मूवीज! चीन ने बनाया 6G चिप, मिलेगी 100Gbps स्पीड

चीनी वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला ऑल-फ्रीक्वेंसी 6G चिप पेश किया है, जो 0.5GHz से 115GHz स्पेक्ट्रम को सपोर्ट करता है।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 1 सितंबर 2025 18:54 IST
ख़ास बातें
  • चीन ने बनाया पहला ऑल-फ्रीक्वेंसी 6G चिप
  • 100Gbps स्पीड से सेकेंडों में डाउनलोड होगा कई मूवीज
  • 0.5GHz से 115GHz तक पूरे स्पेक्ट्रम पर काम करता है

इस 6G चिप की बदौलत 100Gbps तक डेटा स्पीड मिल सकती है

Photo Credit: Freepik

चीन ने मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ी छलांग लगाई है। Peking University और City University of Hong Kong के रिसर्चर्स ने मिलकर दुनिया की पहली ‘ऑल-फ्रीक्वेंसी' 6G चिप बनाई है, जो 0.5GHz से 115GHz तक के पूरे वायरलेस स्पेक्ट्रम को कवर कर सकती है। इसका मतलब है कि जहां अभी 5G अलग बैंड्स (जैसे 3GHz मोबाइल, 30GHz सैटेलाइट और 100GHz तक फ्यूचर एप्लिकेशंस) पर अलग-अलग सिस्टम की जरूरत पड़ती है, वही काम अब एक सिंगल चिप कर पाएगी। 

SCMP की रिपोर्ट के मुताबिक, रिसर्चर्स का कहना है कि यह तकनीक न सिर्फ रफ्तार में, बल्कि कनेक्टिविटी के मामले में भी गेम-चेंजर साबित हो सकती है, खासकर उन इलाकों के लिए जहां आज भी डिजिटल डिवाइड बड़ी समस्या है। ऐसा बताया गया है कि इसकी बदौलत 100Gbps तक डेटा स्पीड मिल सकती है, यानी यदि एक ऐवरेज मूवी (8GB-10GB) को डाउनलोड करना चाहे, तो पलक झपकते ही 10 या उससे अधिक मूवीज डाउनलोड हो सकती हैं। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

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क्या है इस चिप की खासियत?

  • यह चिप इतनी पावरफुल है कि 50GB की 8K मूवी सेकंडों में ट्रांसफर कर सकती है, यानी 20Mbps एवरेज स्पीड वाले अमेरिकी ग्रामीण इलाकों के मुकाबले सैकड़ों गुना तेज।
  • 11mm × 1.7mm के छोटे साइज की इस चिप में पहले जिनके लिए 9 अलग-अलग रेडियो सिस्टम चाहिए होते, उन्हें एक जगह इंटीग्रेट किया गया है।
  • इसका “फ्रीक्वेंसी-नेविगेशन” सिस्टम खुद-ब-खुद इंटरफेरेंस को डिटेक्ट करके क्लियर चैनल पर स्विच कर देता है, जैसे ट्रैफिक में स्मार्ट ड्राइवर स्मूथली लेन बदलता है।

रिपोर्ट आगे बताती है कि रिसर्चर्स टीम ने फोटोनिक-इलेक्ट्रॉनिक फ्यूजन स्ट्रैटेजी अपनाई है। इसमें वायरलेस सिग्नल्स को पहले ऑप्टिकल सिग्नल्स में बदला जाता है और फिर उन्हें फोटोनिक कंपोनेंट्स में प्रोसेस किया जाता है। दो ट्यूनएबल लेजर्स के बीच फ्रिक्वेंसी-मिक्सिंग से अल्ट्रा-वाइड रेंज की ट्रांसमिशन मिलती है। नतीजा, 6GHz फ्रीक्वेंसी ट्यूनिंग सिर्फ 180 माइक्रोसेकंड में, जो पलक झपकने से भी कई सौ गुना तेज है।

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आज की वायरलेस डिवाइसें लिमिटेड बैंड्स पर काम करती हैं। हाई बैंड (मिलीमीटर-वेव, टेराहर्ट्ज़) वर्चुअल रियलिटी, रोबोटिक सर्जरी और अल्ट्रा-लो लेटेंसी टास्क्स के लिए जरूरी हैं। वहीं लो बैंड (माइक्रोवेव) का फायदा है कि ये पहाड़ों, समुद्र की गहराइयों और दूरदराज के इलाकों में बेहतर कवरेज देते हैं। यह नई चिप दोनों दुनिया को एक साथ लाकर कमर्शियल और एजुकेशनल एप्लिकेशन को संभव बनाने में सक्षम है।

कंसर्ट्स या स्टेडियम जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में, जहां हजारों डिवाइस एक साथ कनेक्ट होते हैं, ये सिस्टम ऑटोमैटिकली साफ चैनल चुन सकता है। यानी नेटवर्क जाम की समस्या भी कम हो जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्च टीम अब इस टेक्नोलॉजी को USB-साइज मॉड्यूल्स में बदलने पर काम कर रही है, जिन्हें आसानी से स्मार्टफोन्स, ड्रोन, IoT डिवाइस और बेस स्टेशंस में लगाया जा सकेगा। टीम में शामिल प्रोफेसर वांग जिंगजुन ने पब्लिकेशन को बताया कि यह चिप AI-नेटिव नेटवर्क्स की नींव रखती है, जो रियल-टाइम में कम्युनिकेशन पैरामीटर्स एडजस्ट करके कॉम्प्लेक्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनवायरनमेंट में भी स्मूथ परफॉर्मेंस दे सकेगी।

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चीन का नया 6G चिप कितनी स्पीड देता है?

यह चिप 100Gbps से ज्यादा इंटरनेट स्पीड देने में सक्षम है।

यह 5G से कैसे अलग है?

5G सीमित फ्रीक्वेंसी पर चलता है, जबकि यह 0.5GHz से 115GHz तक पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करता है।

यह चिप किसने बनाया है?

इसे Peking University और City University of Hong Kong के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है।

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इसे ‘ऑल-फ्रीक्वेंसी' क्यों कहा जा रहा है?

क्योंकि यह लो-फ्रीक्वेंसी, मिड-फ्रीक्वेंसी और हाई-फ्रीक्वेंसी बैंड्स को एक ही चिप में सपोर्ट करता है।

इस चिप के रियल-लाइफ उपयोग क्या हैं?

यह VR, होलोग्राफिक सर्जरी, IoT, ड्रोन, सैटेलाइट इंटरनेट और AI-नेटवर्क जैसे एडवांस एप्लीकेशन्स के लिए उपयोगी होगा।

इस 6G चिप का साइज कितना है?

चिप का साइज मात्र 11mm × 1.7mm है।

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इसे कब तक डिवाइस में देखा जा सकेगा?

रिसर्चर्स अगले कुछ वर्षों में इसे स्मार्टफोन और IoT डिवाइसेस में लगाने के लिए USB-साइज मॉड्यूल तैयार करने पर काम कर रहे हैं।

 

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ये भी पढ़े: 6G Chip, 6G, 6G Network
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