Airtel कर्मचारी विदेश में बैठे ठगों को मुहैया करवाते थे फर्जी नम्बर!

विदेश में बैठे ठग युवाओं को फेक जॉब का झांसा देते थे।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 12 जनवरी 2025 17:18 IST
ख़ास बातें
  • पुलिस ने Airtel के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
  • इंडोनेशिया और चीन से जुड़े ठगों को वर्चुअल फोन नम्बर देते थे।
  • ठग लोकल युवाओं को अपने जाल में फंसाने का काम करते थे।

पुलिस ने फ्रॉड केस में Airtel के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

इन दिनों ऑनलाइन फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अधिकतर मामलों में देखा जाता है कि ठग अपने जाल में फंसाने के लिए फ्रॉड फोन नम्बरों को इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या हो अगर किसी नामी टेलीकॉम कंपनी ने कर्मचारी ही ये फ्रॉड फोन नम्बर जारी करते हों! 

गुरूग्राम में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें पुलिस ने Airtel के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप (via) है कि ये इंडोनेशिया और चीन से जुड़े ठगों को वर्चुअल फोन नम्बर उपलब्ध करवाते थे। उसके बाद ये ठग लोकल युवाओं को अपने जाल में फंसाने का काम करते थे। ये ठग युवाओं को फेक जॉब का झांसा देता था। उन्हें टास्क आधारित फ्रॉड निवेश के लिए फंसाते थे। 

गुरूग्राम में साइबरक्राइम के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, पीयूष धवन के अनुसार, साइबर क्राइम टीम द्वारा एक जॉइंट ऑपरेशन में नीरज वालिया और हेमंत नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों पर BNS के सेक्शन 318(4), 319 और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। 

दरअसल पुलिस को गुरूग्राम के ही एक लोकल के पास से एक कॉल मिली जिसमें शिकायत की गई कि एक लैंडलाइन नम्बर से पार्ट टाइम जॉब देने का झांसा दिया गया। कॉलर ने रिसीव करने वाले को पार्ट टाइम जॉब देने का ऑफर दिया जिसमें उसे होटलों के रिव्यू देना था। टास्क पूरा होने पर उसे 200 मिले। शुरुआत में कुछ राशि पीड़ित के अकाउंट में डाली गई। लेकिन बाद में उससे बड़ी रकम के साथ निवेश करने के लिए कहा गया। 

झांसे में आकर पीड़ित ने ठगों के खाते में और भी ज्यादा पैसे ट्रांसफर कर दिए। लेकिन जैसा कि उससे वादा किया गया था, उसे बदले में बढ़ा हुआ पैसा कभी नहीं मिला। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि नीरज Airtel के लिए साइट वेरिफायर के तौर पर काम करता था और हेमंत उसका टीम लीडर था। उन्होंने घोटाले में इस्तेमाल किए गए लैंडलाइन नंबर को एकमदर्श सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जारी किया था, जो एक ऐसी कंपनी थी जो दिए गए पते पर पंजीकृत ही नहीं थी। इस नंबर का इस्तेमाल करके जालसाजों ने फर्जी नौकरी की पेशकश करके निवेश योजनाओं के बहाने लोगों को ठगने के लिए निशाना बनाया। 
 
 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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