समय के साथ कुछ चीजें डिवाइस की बैटरी को कमजोर करती चली जाती हैं, बैटरी की चार्ज होल्ड करने की क्षमता कम हो जाती है।
लैपटॉप की बैटरी इसका एक बहुत अहम पार्ट है जिसकी समय-समय पर जांच करना जरूरी है।
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लैपटॉप आज की जिंदगी में एक बहुत जरूरी और उपयोगी डिवाइस है। वर्क फ्रॉम होम हो या कंटेंट क्रिएशन, या फिर ऑफिस का काम ... यह डिवाइस हमेशा आपके साथ रहता है। लेकिन लैपटॉप की बैटरी इसका एक बहुत अहम पार्ट है जिसकी समय-समय पर जांच करना जरूरी है। अच्छी बैटरी न सिर्फ लैपटॉप के इस्तेमाल को बेहतर बनाती है, बल्कि अचानक शटडाउन और डेटा के नुकसान से भी बचाती है।
बैटरी की पावर यूं तो इसमें लगे सैल पर निर्भर करती है। इस बात पर निर्भर करता है कि इसमें कितने सैल लगे हैं और उनका वॉट-घंटे (Wh) कितना है। ज्यादा सैल वाली बैटरी लम्बी चलती है। लेकिन समय के साथ कुछ चीजें डिवाइस की बैटरी को कमजोर करती चली जाती हैं। समय के साथ लैपटॉप बैटरी की चार्ज होल्ड करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे लैपटॉप की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। इसलिए बैटरी हेल्थ को चेक करना जरूरी है। यहां पर हम आपको लैपटॉप बैटरी हेल्थ चेक करने का आसान तरीका बता रहे हैं।
अगर यह वैल्यू लगातार 80% से कम हो रही है, तो इसका मतलब है कि बैटरी काफी कमजोर हो चुकी है। वहीं अगर यह 50–60% से कम है, तो यह बैटरी बदलने का समय भी हो सकता है।
बैटरी समय के साथ घिसती है, यानी इसकी कैपिसिटी कम पड़ती जाती है। इसलिए समय-समय पर बैटरी हेल्थ चेक करना जरूरी होता है।
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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी