Microduck एक छोटा AI रोबोट है जो बत्तख जैसा दिखता है। यह चलने, गेंद को किक करने और गिरने के बाद खुद खड़े होने के साथ नए काम सीखने के लिए भी तैयार किया गया है।
बत्तख जैसे डिजाइन वाला Microduck छोटा AI रोबोट
Photo Credit: Pollen Robotics
रोबोट का नाम सुनते ही आमतौर पर बड़े आकार की मशीन या इंसानों जैसी शक्ल वाले ह्यूमनॉइड का ख्याल आता है। लेकिन अब रोबोटिक्स की दुनिया में एक बेहद छोटा और देखने में बत्तख जैसा रोबोट चर्चा में है। इसका नाम Microduck है। इसे फ्रांस की Pollen Robotics, जो अब Hugging Face की रोबोटिक्स टीम है, ने तैयार किया है। करीब 25 सेंटीमीटर लंबे इस रोबोट की खासियत इसका अजीबोगरीब डिजाइन ही नहीं, बल्कि यह है कि इसे नए काम Reinforcement Learning के जरिए सिखाया जा सकता है। यानी यह सिर्फ पहले से तय हरकतें करने वाला रोबोट नहीं है।
Microduck की प्री-ऑर्डर बिक्री 27 अगस्त 2026 से शुरू हुई है और इसकी शुरुआती कीमत 399 डॉलर यानी करीब 38 हजार रुपये है। कंपनी ने पहली डिलीवरी 2026 के क्रिसमस से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, शुरुआती मांग काफी ज्यादा रहने की वजह से नए ऑर्डर के लिए डिलीवरी का अनुमान 4 से 6 महीने तक पहुंच गया है।
Microduck एक छोटा दो पैरों वाला रोबोट है, जिसकी लंबाई करीब 25 सेंटीमीटर और वजन लगभग 780 ग्राम है। इसमें 15 मोटर लगी हैं, जो इसके पैर, गर्दन, सिर और चोंच जैसी संरचनाओं को हिलाने का काम करती हैं। इसके हाथ नहीं हैं। किसी छोटी चीज को पकड़ने के लिए इसकी आगे की तरफ बनी चोंच ही ग्रिपर की तरह काम करती है।
कंपनी इसे सिर्फ खिलौना नहीं, बल्कि रोबोटिक्स और AI सीखने का प्लेटफॉर्म मानती है। इसके सॉफ्टवेयर का बड़ा हिस्सा खुला है, इसलिए डेवलपर इसके व्यवहार को बदलने और नए काम सिखाने के लिए इसके टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
Microduck को बॉक्स से निकालने के बाद ही चलाया जा सकता है। यह चलने, बैठने और झुकने जैसी हरकतें कर सकता है। डेमो में इसे छोटी गेंद को किक करते, जमीन से छोटी चीज उठाते और गिरने के बाद खुद दोबारा खड़े होते हुए दिखाया गया है। इसे गेम कंट्रोलर से भी चलाया जा सकता है। इसके लिए एक अलग एक्सेसरी पैक भी है, जिसकी मदद से Microduck छोटे रोलर स्केट्स पर चल सकता है। यह लेजर पॉइंटर का पीछा भी कर सकता है।
Microduck की असली खासियत इसके चलने या बत्तख जैसे दिखने में नहीं है। कंपनी इसे Reinforcement Learning के लिए तैयार कर रही है। इसमें नए व्यवहार पहले कंप्यूटर पर बनाए गए वर्चुअल वातावरण में सिखाए जा सकते हैं और फिर उस ट्रेनिंग को असली रोबोट पर लागू किया जा सकता है। इसे आम तौर पर Sim-to-Real तरीका कहा जाता है।
इसका मतलब यह है कि डेवलपर या रोबोटिक्स सीखने वाले सिर्फ कंपनी की तरफ से दिए गए व्यवहारों तक सीमित नहीं हैं। वे अपने हिसाब से नए मूवमेंट और काम तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं।
इतने छोटे आकार के बावजूद Microduck में कई तरह के सेंसर दिए गए हैं। इसमें वाइड-एंगल कैमरा, 8×8 ToF LiDAR, दो IMU सेंसर, माइक्रोफोन और स्पीकर शामिल हैं। कनेक्टिविटी के लिए Wi-Fi और Bluetooth मिलता है, जबकि NFC एंटेना भी दिए गए हैं।
परफॉर्मेंस के लिए इसमें Rockchip RK3566 प्रोसेसर, 1GB RAM और 32GB स्टोरेज दिया गया है। इसमें करीब 2,600mAh की हटाई जा सकने वाली बैटरी है, जिससे लगभग एक घंटे तक चलने का दावा है।
Microduck की शुरुआती कीमत $399 है और इसमें टैक्स व शिपिंग शामिल नहीं हैं। कंपनी की मौजूदा स्टोर लिस्टिंग में यूरोप के लिए इसकी कीमत €340 है। लॉन्च के समय इसे Cream, Graphite, Lavender और Sky जैसे रंगों में पेश किया गया है।
अभी इसे मुख्य तौर पर AI, रोबोटिक्स और डेवलपर कम्युनिटी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसलिए इसे ऐसा घरेलू रोबोट समझना सही नहीं होगा जो घर की सफाई या रोजमर्रा के बड़े काम अपने आप कर देगा। इसका असली मकसद छोटे और अपेक्षाकृत किफायती हार्डवेयर पर AI और रोबोटिक्स के प्रयोग को आसान बनाना है।
दिलचस्प बात यह है कि लॉन्च के सिर्फ 24 घंटे में Microduck की बिक्री 2.6 मिलियन डॉलर से ज्यादा पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे पता चलता है कि लोगों की दिलचस्पी सिर्फ बड़े ह्यूमनॉइड रोबोट में ही नहीं, बल्कि ऐसे छोटे और प्रयोग करने लायक AI रोबोट में भी बढ़ रही है।
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