AI की रफ्तार से बराक ओबामा को भी लगा डर, AI नहीं उसका खुद सीखना है बड़ी चिंता

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनियाभर में इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है।

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Written by साजन चौहान, अपडेटेड: 21 सितंबर 2026 19:25 IST
ख़ास बातें
  • एजेंटिक AI सामान्य चैटबॉट्स से अलग है।
  • एजेंटिक AI कई काम कर सकता है।
  • एजेंटिक AI अपने वेबसाइट खोल सकता है।

एजेंटिक AI सामान्य चैटबॉट्स से अलग है, क्योंकि यह कई काम कर सकता है।

Photo Credit: X/Barack Obama

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनियाभर में इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ इसे भविष्य की टेक्नोलॉजी बता रहे हैं तो कहीं पर इसे नौकरी पर पड़ने वाला बुरा असर बताया जा रहा है। एआई को लेकर दुनिया भर में चिंता भी हो रही है, क्योंकि यह इंसानों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को आसानी और तेजी के साथ कर रहा है और इससे बेरोजगारी बढ़ रही है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा  ने भी एआई को लेकर अपनी चिंता जताई है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

उन्होंने 18 सितंबर को न्यूयॉर्क के हैमिल्टन में कोलगेट यूनिवर्सिटी में एक पब्लिक डिस्कशन के दौरान फेडरल सरकार से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर ज्यादा सख्त कंट्रोल लगाने की अपील की है। इसको लेकर उन्होंने कहा कि ज्यादा ऑटोनॉमस AI सिस्टम को रेगुलेट करने के लिए सिर्फ कानूनी मुकदमे का डर ही काफी नहीं होगा।  ओबामा ने कहा कि AI मेडिकल रिसर्च, इलाज के नए तरीके खोजने, एनर्जी सिस्टम को बेहतर बनाने और साइंटिफिक डिस्कवरी जैसे सेक्टर में बहुत मददगार हो सकता है, जिसके इसके लिए यह जरूरी नहीं है कि एंजेंटिक सिस्टम हो जो ऑनलाइन खुद से काम कर सकें।

एजेंटिक AI पर बहस क्यों?
ओबामा ने उन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को लेकर खासतौर पर चिंता जताई जो ज्यादातर इंसानों के बिना काम कर सकते हैं। एजेंटिक AI सामान्य चैटबॉट्स से अलग है, क्योंकि यह कई काम कर सकता है और दूसरी सर्विस से जुड़ सकता है या यूजर की कमांड के अनुसार काम कर सकता है। सामान्य चैटबॉट आमतौर पर यूजर की रिक्वेस्ट का जवाब देता है। जबकि एजेंटिक AI अपने आप कई काम जैसे कि वेबसाइट खोलना, फाइल पर काम करना, कोड लिखना और रन करना, एक्सटरनल सर्विस का उपयोग करना और बिना इंसानों के लगातार निर्देश दिए किसी काम को दोबारा शुरू कर सकता है।

इस तरह की स्वतंत्रता सिस्टम को उपयोग बनाती है, लेकिन इससे जोखिम भी बढ़ता है। AI एजेंट पर अपनी रिसर्च में Anthropic मानता है कि एजेंट पहले से ही प्रोडक्टिविटी में काफी सुधार ला रहे हैं, लेकिन इंसानों द्वारा कम मॉनिटर होने की वजह से वो यूजर की इच्छा को गलत समझ सकते हैं, कोई अनचाहा काम कर सकते हैं या प्रॉम्प्ट इंजेक्शन के जरिए अटैक का शिकार हो सकते हैं।

 

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