UP में सरकारी टीचर का कमाल, मात्र 2,900 रुपये में बनाई AI मैडम, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम हुआ दर्ज

AI तेजी के साथ आम जीवन का हिस्सा बना रहा है और इसी का एक उदाहरण उत्तर प्रदेश के झांसी में नजर आया है।

विज्ञापन
Written by साजन चौहान, अपडेटेड: 23 सितंबर 2025 15:11 IST
ख़ास बातें
  • झांसी में कम्पोजिट स्कूल में एक AI शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रही है।
  • एआई मैडम को शिक्षक मोहनलाल सुमन ने तैयार किया है।
  • आई रोबोट का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025 में दर्ज हुआ है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से इंसानों के जीवन का हिस्सा बन रहा है।

Photo Credit: Unsplash/Arseny Togulev

AI तेजी के साथ आम जीवन का हिस्सा बना रहा है और इसी का एक उदाहरण उत्तर प्रदेश के झांसी में नजर आया है। जी हां झांसी में राजापुर गांव के कम्पोजिट स्कूल में एक AI शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रही है, जिसे उसी स्कूल के अन्य शिक्षक मोहनलाल सुमन ने तैयार किया है। अब सर्वो मोटर, वायरिंग और फ्रेम वाली इस एआई रोबोट का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025 में दर्ज हो गया है। मोहनलाल सुमन ने सिर्फ 2,900 रुपये का निवेश करके इस रोबोट को तैयार किया है। और एआई टीचर के आने के बाद बच्चे खूब आनंद के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। आइए इस एआई शिक्षक के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मोहनलाल के अनुसार, एआई टीचर कक्षा में पढ़ाए जा रहे विषय के साथ-साथ सभी प्रकार के सवालों का जवाब दे सकती है। खास बात यह है कि यह कितने भी सवाल पूछे जाने पर कभी अपना धैर्य नहीं खोतीं है। साथ ही साथ उन छात्रों की खूब प्रशंसा करती हैं जो उसके सवालों और पहेलियों का सही जवाब देते हैं। इस एआई शिक्षक को मई में स्कूल में लगाया गया और इसके आने बाद से स्कूल में छात्रों की उपस्थिति 65% से बढ़कर 95% हो गई है, क्योंकि कोई भी मैडम सुमन की क्लास छोड़ना नहीं चाहता। मोहनलाल के मन में AI-शिक्षक को डिजाइन करने का विचार तब आया जब उन्होंने देखा कि उनके साथी शिक्षकों को नॉन टीचिंग का काम भी करना पड़ता है, जिसमें मिडडे मील की सामग्री और गुणवत्ता की देख रेख करना है, लेखा-जोखा रखना और इलेक्शन ड्यूटी पर जाना शामिल है। इस तरह की किसी भी परिस्थिती में क्लास को काफी नुकसान हुआ और शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई। 

AI शिक्षक मैडम सुमन के साथ इस कमी को पूरा किया गया है। उसके बाद उन्होंने एक लकड़ी के पुतले के शरीर में एक टेक कंपनी द्वारा तैयार एक AI एसिस्टेंट लगाया और उसे कस्टमाइज किया। AI-शिक्षक मोहनलाल का पहला आविष्कार नहीं है। उन्होंने नवंबर 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान लगातार 222 दिनों तक चलने वाले एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कौन बनेगा लॉकडाउन जीनियस चलाया था, जिसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था। हजारों विषयों को कवर करने वाला यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारत और विदेशों के छात्रों के लिए भी खुला था। इसके अलावा उन्होंने वंचित बच्चों के लिए ब्लैकबोर्ड एक्सप्रेस की शुरुआत की और यूनिक मॉडल के जरिए सीखने को मजेदार बनाया। 15 सितंबर को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के मुख्य संपादक बिस्वरूप रॉय चौधरी ने उन्हें इस AI शिक्षक के लिए आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Amazon की समर सेल में प्रमुख ब्रांड्स के लैपटॉप्स पर भारी डिस्काउंट
#ताज़ा ख़बरें
  1. RedMagic 11S Pro में होगी सबसे धांसू गेमिंग पावर! 18 मई को होगा लॉन्च
  2. 21 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का यह दमदार फोन, 48MP का DSLR जैसा कैमरा! सबसे बड़ा डिस्काउंट
  3. Amazon की समर सेल में प्रमुख ब्रांड्स के लैपटॉप्स पर भारी डिस्काउंट
  4. Sony Xperia 1 VIII जल्द होगा लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  5. Insta360 Luna Ultra की पहली झलक! 8K वीडियो के साथ होगा रिमोट कंट्रोल फीचर!
  6. 5 एस्टरॉयड का पृथ्वी पर हमला, नासा की बड़े खतरे की घंटी!
  7. Amazon सेल में Samsung, Redmi, OnePlus जैसे फोन 16 हजार तक सस्ते! जानें पूरी लिस्ट
  8. Oppo K15 में मिल सकती है 8000mAh बैटरी, Snapdragon 6 Gen 5 चिप!
  9. दीवारघड़ी के सैल जितना छोटा पावरबैंक! इमरजेंसी में पावर का साथी, जानें कीमत
  10. 100 इंच बड़े टीवी Samsung ने भारत में किए लॉन्च, 4K डिस्प्ले से लैस, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.