नाक में उंगली क्‍यों डालते हैं लोग? नई रिसर्च में सामने आई यह जानकारी

वैज्ञानिकों ने जाना है नाक में उंगली डालने से स्टैफिलोकोकस (Staphylococcus) जैसे बैक्टीरिया फैल सकते हैं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 20 नवंबर 2022 20:01 IST
ख़ास बातें
  • जर्नल ऑफ जूलॉजी में पब्लिश हुए निष्‍कर्ष
  • जानवरों की लगभग 12 प्रजातियां भी ऐसा करती हैं
  • ऐसा करने से शरीर में फैल सकता है बैक्‍टीरिया

स्‍डटी की प्रमुख लेखक और लंदन में प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय की वैज्ञानिक ऐनी-क्लेयर फैबरे ने कहा कि इस बारे में बहुत कम सबूत हैं कि हम और बाकी जानवर ऐसा क्‍यों करते हैं।

नाक में उंगली डालना ऐसा काम है, जिसे कोई भी जानबूझकर नहीं करता। हालांकि ऐसा करने वाले को लोग टोकते हैं, उसका मजाक उड़ाते हैं या पीठ पीछे हंसी करते हैं। कभी इसके वैज्ञानिक पहलू को समझने की कोशिश नहीं की गई। वैज्ञानिकों ने समझने की कोशिश की है कि लोग नाक में उंगली क्‍यों डालते हैं। उन्‍होंने यह भी जाना है नाक में उंगली डालने से स्टैफिलोकोकस (Staphylococcus) जैसे बैक्टीरिया फैल सकते हैं। वहीं एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि जो लोग अपनी नाक का मैल खाते हैं, उन्‍हें कम डेंटल कैविटीज होती हैं। स्टैफिलोकोकस बैक्‍टीरिया अगर शरीर में फैल जाए, तो व्‍यक्ति को निमोनिया, हृदय वॉल्व और हड्डियों से जुड़े गंभीर संक्रमण हो सकते हैं।

स्‍टडी कहती है कि मनुष्‍य अकेला नहीं है, जो नाक में उंगली डालता है। जानवर भी ऐसा करते हैं। रिसर्चर्स ने प्राइमेट्स (Primate) की 12 प्रजातियों के बारे में ऐसी ही जानकारी जुटाई है। जर्नल ऑफ जूलॉजी में पब्लिश उनके निष्‍कर्ष इस बात पर रोशनी डाल सकते हैं कि इंसान और जानवर ऐसा क्‍यों करते हैं। 

स्‍डटी की प्रमुख लेखक और लंदन में प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय की वैज्ञानिक ऐनी-क्लेयर फैबरे ने कहा कि इस बारे में बहुत कम सबूत हैं कि हम और बाकी जानवर ऐसा क्‍यों करते हैं। उन्‍होंने कहा, इस बारे में तमाम रिसर्चों में जो भी लिखा गया है वह चुटकुले से कम नहीं। नाक में उंगली डालने को लेकर मनोवैज्ञानिक रूप से कुछ सीरीयस स्‍टडी की गई हैं, लेकिन बायलॉजिकली इस बारे में कुछ बेहतर नहीं लिखा गया है। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐ-ऐ (aye-aye) नाम का एक प्राइमेट जोकि मूल रूप से मेडागास्कर (Madagascar) में पाया जाता है, वह भी कुछ ऐसा ही करता है। रिसर्चर्स ने जाना कि यह प्राइमेट अपनी नाक में हाथ की सबसे लंबी उंगली को डालता है। उसके इस बिहेवियर को समझने के लिए रिसर्चर्स ने एक इमेजिंग तकनीक का उपयोग किया जिसे CT स्कैन के रूप में जाना जाता है। यह डॉक्‍टरी में इस्‍तेमाल होने वाली एक आम तकनीक है। वैज्ञानिकों ने जाना कि ऐ-ऐ के पास ऐसा करने के लिए एक विशेष उंगली है वह अपनी बीच की उंगली का इस्‍तेमाल ऐसा करने के लिए करता है। हो सकता है यही आदत इंसानों में भी डेवलप हुई हो। हालांकि ऐसा करने से शरीर में बैक्‍टीरिया फैल सकता है। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo T5 Pro 5G vs Redmi Note 15 Pro 5G vs Realme 15 Pro 5G: खरीदने से पहले देखें कौन सा है बेस्ट फोन
  2. Google के Pixel फोन की कीमत हुई आधे से भी ज्यादा कम, मिल रहा 23 हजार रुपये सस्ता
  3. OnePlus Nord CE 6, Nord CE 6 Lite अगले महीने होंगे भारत में लॉन्च, Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट
  4. ₹1099 में 3 महीने का BSNL WiFi, मिलेगा 1400GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग! ऐसे करें बुक
#ताज़ा ख़बरें
  1. Infinix GT 50 Pro जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, डुअल रियर कैमरा यूनिट
  2. ₹1099 में 3 महीने का BSNL WiFi, मिलेगा 1400GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग! ऐसे करें बुक
  3. Xiaomi 18 Pro Max में हो सकता है Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट 
  4. Gmail में चंद क्लिक में 'Unsubscribe' करें सभी स्पैम ईमेल, इनबॉक्स हमेशा रहेगा साफ!
  5. Bitcoin में 78,000 डॉलर तक पहुंचने के बाद गिरावट, होर्मुज संकट का पड़ा असर 
  6. Huawei Pura 90 Pro हुआ लॉन्च, 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी के साथ गजब के फीचर्स, जानें कीमत
  7. 200MP कैमरा, 6000mAh बैटरी के साथ Huawei Pura 90 Pro Max लॉन्च, जानें सबकुछ
  8. OnePlus Nord CE 6, Nord CE 6 Lite अगले महीने होंगे भारत में लॉन्च, Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट
  9. Dell 15 (2026) लैपटॉप भारत में लॉन्च: AI फीचर्स, Intel Core Ultra 2 प्रोसेसर और लंबा बैटरी बैकअप!
  10. Toshiba ने लॉन्च किए 55-100 इंच डिस्प्ले वाले Z670SP MiniLED टीवी, गजब के हैं फीचर्स, जानें
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.