Global Warming: उम्मीद से कई गुना तेजी से पिघल रही है अंटार्कटिका की बर्फ, खतरे में दुनिया!

स्टडी में पता लगाया गया है कि ग्लेशियर्स के पतले होने और बर्फ की सिल्लियों का टूटने से 1997 के बाद से अंटार्कटिका की बर्फ की सिल्लियों के मास में 12 ट्रिलियन टन की कमी आई है, जो पिछले अनुमान से दोगुना है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 11 अगस्त 2022 19:39 IST
ख़ास बातें
  • तेजी से बर्फ के पिघलने के सिलसिले ने पिछले 25 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा
  • ग्लोबल वार्मिंग से तेजी से बढ़ रहा है समुद्र स्तर
  • अंटार्कटिका में दुनिया की कुल बर्फ की समुद्र तल क्षमता का 88% हिस्सा है

स्टडी के प्रमुख लेखक जेपीएल वैज्ञानिक चैड ग्रीन ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के परिणाम बहुत भयावय हो सकते हैं

जलवायु परिवर्तन (Climate Change), इन दो शब्दों से पूरी दुनिया डरी हुई है और अब, दुनिया भर की सरकारों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। क्लाइमेट चेंज या ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि विशाल ग्लेशियर्स का गढ़ अंटार्कटिका (Antarctica) उम्मीद से ज्यादा तेजी से पिघल रहा है। एक लेटेस्ट रिपोर्ट से पता चला है कि अंटार्कटिका के तटीय ग्लेशियर्स हिमखंडों (आइसबर्ग) को तेजी से बहा रहे हैं।

समाचार एजेंसी Reuters के अनुसार, बुधवार को एक सैटेलाइट विश्लेषण से पता चला है कि तेजी से बर्फ के पिघलने के सिलसिले ने पिछले 25 सालों में दुनिया की सबसे बड़ी बर्फ की चादर के पिघलने से होने वाले नुकसान के पिछले अनुमानों को दोगुना कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) के रिसर्चर्स के नेतृत्व में अपनी तरह की एक पहली स्टडी में पता चला है कि जलवायु परिवर्तन कितनी तेजी से अंटार्कटिका की तैरती बर्फ की विशाल सिल्लियों को कमजोर कर रहा है और समुद्र स्तर में जबरदस्त बढ़ोतरी कर रहा है।

स्टडी में पता लगाया गया है कि ग्लेशियर्स के पतले होने और बर्फ की सिल्लियों का टूटने से 1997 के बाद से अंटार्कटिका की बर्फ की सिल्लियों के मास में 12 ट्रिलियन टन की कमी आई है, जो पिछले अनुमान से दोगुना है।

स्टडी के प्रमुख लेखक जेपीएल वैज्ञानिक चैड ग्रीन (Chad Greene) के अनुसार, पिछली तिमाही-शताब्दी में सिल्लियों के टूट कर अलग होने से महाद्वीप की बर्फ की चादर का नुकसान लगभग 37,000 वर्ग किमी (14,300 वर्ग मील) है, जो लगभग स्विट्जरलैंड के साइज का क्षेत्र है।

ग्रीन ने नासा के निष्कर्षों की घोषणा में कहा, "अंटार्कटिका अपने किनारों पर उखड़ रही है," "और जब बर्फ की सिल्लियां घटती और कमजोर होती हैं, तो महाद्वीप के विशाल ग्लेशियर तेजी से बढ़ते हैं और वैश्विक समुद्र के स्तर में वृद्धि की दर में बढ़ोतरी करते हैं।"
Advertisement

परिणाम बहुत भयावय हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अंटार्कटिका में दुनिया की सभी बर्फ की समुद्र तल क्षमता का 88 प्रतिशत हिस्सा है।

बर्फ की सिल्लियां, जो जमी हुई मीठे पानी की स्थायी तैरती चादरें होती हैं और जमीन से जुड़ी होती हैं, इनके बनने में हजारों साल लगते हैं, जो ग्लेशियर्स को रोक कर रखते हैं, अन्यथा ये आसानी से समुद्र में गिर जाएंगे, जिससे समुद्र ऊपर उठ जाएगा।
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Samsung Galaxy S27 Ultra में मिल सकती है ज्यादा कैपेसिटी वाली सिलिकॉन-कार्बन बैटरी
  2. अपने फोन में कैसे खोजें अपना सिम नंबर, ये है आसान तरीका
  3. Airtel यूजर्स के लिए बुरी खबर! ₹799 प्लान हुआ बंद, ₹859 पैक की कीमत बढ़ी
#ताज़ा ख़बरें
  1. अपने फोन में कैसे खोजें अपना सिम नंबर, ये है आसान तरीका
  2. NoiseFit Diva Araya लग्जरी स्मार्टवॉच हुई लॉन्च, AMOLED डिस्प्ले के साथ खूबसूरत डिजाइन, जानें कीमत
  3. 40 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Google Pixel 8, जानें कितना मिल रहा डिस्काउंट
  4. Redmi A7 Pro vs Realme Narzo 70x 5G vs Moto G35 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  5. ट्रैफिक, ट्रेन, फ्लाइट के शोर में भी कॉलिंग! Anker के नए हेडफोन 70 घंटे बैटरी, ANC के साथ लॉन्च
  6. Oppo Pad 5 Pro हुआ लॉन्च, 13,380mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  7. Vivo Y6t हुआ लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  8. कान के बाहर फिट होंगे ये ईयरबड्स! AI फीचर्स के साथ लॉन्च हुए Oppo Enco Clip 2
  9. Oppo Find X9s Pro फोन आया 200MP कैमरा और 7025mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत
  10. 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा के साथ लॉन्च हुआ Oppo Find X9 Ultra, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.