NASA ने कहा, एस्ट्रॉयड से पृथ्वी को बचाने का नहीं मिल रहा कोई उपाय

वैज्ञानिकों ने एक अभ्यास में निष्कर्ष निकाला है कि वर्तमान में एक विशाल एस्ट्रॉयड को दुनिया का सफाया करने से रोकने के लिए कोई तकनीक उपलब्ध नहीं है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 17 मई 2021 10:56 IST
ख़ास बातें
  • NASA ने कई वैज्ञानिकों के साथ मिलकर किया एक अभ्यास
  • ढूंढे पृथ्वी से टकराने वाले एक बड़े काल्पनिक एस्ट्रॉयड को रोकने के तरीके
  • आखिर में हाथ लगी केवल असफलता

NASA ने यह अभ्यास कई साझेदारों के साथ मिलकर किया था

दुनिया भर में NASA (नासा) और उसके साझेदारों ने पिछले महीने एक "टेबल-टॉप" अभ्यास किया था ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वैज्ञानिकों को पृथ्वी में आने वाले क्षुद्रग्रह (Asteroid) की जबरदस्त टक्कर को रोकने के तरीके को समझने और खोजने में कितना समय लगेगा। यह सिम्युलेशन पूरी तरह से काल्पनिक था और इसका मकसद वैज्ञानिकों को इस तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार होने का समय देना था। इसमें एक सीन बनाया गया, जिसमें कल्पना की गई कि लगभग 35 मिलियन मील (56.3 मिलियन किलोमीटर) दूर से एक रहस्यमय एस्ट्रॉयड पृथ्वी की ओर आ रहा है और इसके छह महीने में ग्रह से टकराने की उम्मीद है। 2021 PDC नाम के इस काल्पनिक एस्ट्रॉयड की दिशा को रोकने या बदलने के तरीकों की योजना बनाने के लिए वैज्ञानिक 26 अप्रैल से एक सप्ताह तक बैठे रहे।

इस सिम्युलेशन में भाग लेने वाले सभी साइंटिस्ट को हर दिन एस्ट्रॉयड के बारे में जानकारियां दी गई, जो इस अभ्यास टाइमलाइन के समय के अनुसार एक महीने का समय था। एस्ट्रॉयड का आकार 35 मीटर और 700 मीटर के बीच बताया गया था। हर गुजरते घंटे के साथ, वैज्ञानिकों ने जानकारियां विकसित करना शुरू कर दिया।

इस प्रैक्टिस के दूसरे दिन, इन वैज्ञानिकों के दल ने कहा कि छह महीनों में एस्ट्रॉयड का प्रभाव एक विशाल क्षेत्र में होगा, जिसमें यूरोप और उत्तरी अफ्रीका शामिल हैं। हफ्ते के अंत तक, उन्होंने कुछ हद तक निश्चितता के साथ कहा कि यह एस्ट्रॉयड (Asteroid) जर्मनी और चेक रिपब्लिक के बीच टकराएगा।

वैज्ञानिकों ने बाद में निष्कर्ष निकाला कि वर्तमान में एक विशाल एस्ट्रॉयड को दुनिया का सफाया करने से रोकने के लिए कोई तकनीक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि एस्ट्रॉयड को विक्षेपित (रास्ते में बदलाव लाने) करने के लिए छह महीने से अधिक समय लग सकता है।

वैज्ञानिकों ने एक बयान में कहा कि अगर असल में बिल्कुल इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ता है तो (अनुवादित) "हम वर्तमान क्षमताओं के साथ इतने कम समय में किसी भी अंतरिक्ष यान को लॉन्च नहीं कर पाएंगे।"
Advertisement

उन्होंने यह भी कहा कि एस्ट्रॉयड को बाधित करने के लिए परमाणु विस्फोटक डिवाइस का उपयोग करने से भी नुकसान को कम किया जा सकता है। हालांकि, पृथ्वी के नज़दीक की वस्तुओं को मजबूती से क्षतिग्रस्त करने वाले परमाणु विस्फोटक डिवाइस की क्षमता इतने बड़े एस्ट्रॉयड के लिए काफी नहीं हो सकती है।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , NASA, Asteroid

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. भारतीय मार्केट में Google ला रहा है बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर, लॉन्च से पहले Amazon पर हुआ लिस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi Pad 9 के लॉन्च की तैयारी, 9,720mAh हो सकती है बैटरी
  2. स्टूडेंट हो तो Samsung के इस ऑफर से न चूकें! प्रीमियम फोन, लैपटॉप और AI डिवाइसेज पर बंपर ऑफर
  3. Redmi Watch 6 Active, Watch 6 Lite की कीमत और स्पेसिफिकेशंस लॉन्च से पहले लीक!
  4. 6500mAh बैटरी वाले Tecno Camon 50 Ultra 5G की सेल हुई लाइव, ऑफर में ₹3 हजार का डिस्काउंट
  5. फोन के बाद अब Credit Card भी बेच रहा Samsung, शॉपिंग पर कैशबैक और बड़े रिवॉर्ड्स! रजिस्ट्रेशन शुरू
  6. भारतीय मार्केट में Google ला रहा है बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर, लॉन्च से पहले Amazon पर हुआ लिस्ट
  7. Redmi Note 17 कब होगा भारत में लॉन्च, स्पेसिफिकेशंस का हुआ खुलासा
  8. ₹7 हजार से कम में 200 इंच स्क्रीन पर देखें सिनेमा! XElectron ने भारत में लॉन्च किया नया प्रोजेक्टर
  9. GATE 2027 की ऑफिशियल वेबसाइट लॉन्च, परीक्षा से लेकर सिलेबस में बदलाव तक मिलेगी सभी जानकारी
  10. Samsung Galaxy Z Fold 8, Z Flip 8 और Galaxy Watch 9 सीरीज की कीमत लॉन्च से पहले आई सामने
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.