22 मंजिल ऊंचा, 40 मीटर चौड़ा ELT टेलीस्कोप हो रहा तैयार, 'एलियन लाइफ' का लगाएगा पता!

टेलीस्कोप ELT अभी बनने की प्रक्रिया में है। यह चिली में तैयार किया जा रहा है।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 5 अप्रैल 2025 14:07 IST
ख़ास बातें
  • इसे एक्सट्रीमिली लार्ज टेलीस्कोप (ELT) का नाम दिया गया है।
  • यह पारगमनीय, और गैर-पारगमनीय ग्रहों की स्टडी कर सकेगा।
  • कुल मिलाकर इसकी चौड़ाई लगभग 39.3 मीटर होगी।

वैज्ञानिक एक ऐसा टेलीस्कोप बना रहे हैं जो एलियन लाइफ यानी पृथ्वी के बाहर मौजूद जीवन का कुछ ही घंटों में पता लगा लेगा।

Photo Credit: ESO

खगोल वैज्ञानिकों के लिए दूरदर्शी टेलीस्कोप किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनके आने के बाद मनुष्ट दूरस्थ ब्रह्मांड में झांक पाने में कामयाब हुआ है। लेकिन पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज कर पाना अभी तक मनुष्य के लिए एक सपना ही बना हुआ है। कई एग्जोप्लेनेट्स हैं जो लम्बे समय से स्टडी किए जा रहे हैं लेकिन नीले ग्रह के बार जीवन नहीं तलाशा जा सका है। मगर जल्द ही यह तलाश खत्म हो सकती है। 

खगोल वैज्ञानिक एक ऐसा टेलीस्कोप बना रहे हैं जो एलियन लाइफ यानी पृथ्वी के बाहर मौजूद जीवन का कुछ ही घंटों में पता लगा लेगा। इसे एक्सट्रीमिली लार्ज टेलीस्कोप (ELT) का नाम दिया गया है। एक्सट्रीमिली लार्ज टेलीस्कोप (ELT) अभी बनने की प्रक्रिया में है। यह चिली में तैयार किया जा रहा है जो कुछ ही घंटों में धरती के बाहर जीवन की खोज करने में सक्षम होगा। यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन और NASA के Goddard Space Flight Center के शोधकर्ताओं ने एक स्टडी में इसका जिक्र किया है। 

स्टडी दावा करती है कि ELT सौरमंडल में मौजूद हमारे ग्रहों पर बायोसिग्नेचर्स (ऐसे कैमिकल जो जीवन के पनपने में योगदान देते हैं) की पहचान कर सकता है। इसके साथ ही हमारे तारे, सूर्य के सबसे नजदीकी तारे Proxima Centauri के चारों तरफ घूमते ग्रहों पर भी यह बायोसिग्नेचर्स की पहचान कर सकेगा। ELT टेलीस्कोप में ऐसी क्षमता होगी जिससे यह पारगमनीय, और गैर-पारगमनीय ग्रहों की स्टडी कर सकेगा। 

ELT टेलीस्कोप में निर्माण कार्य में कुछ बाधाओं के चलते इसके ऑपरेशन में समय लग सकता है। कहा जा रहा है कि साल 2029 तक यह काम करना शुरू कर देगा। दक्षिणी गोलार्ध में यूरोपियन ऑर्गेनाइजेशन फॉर एस्ट्रोनॉमिकल रिसर्च के अनुसार, टेलीस्कोप से पहली रोशनी मार्च 2029 में आने की उम्मीद है। इसके बाद, पहले उपकरण स्थापित किए जाएंगे। फिर वे चालू किए जाएंगे। तब जाकर दिसंबर 2030 में 'वैज्ञानिक प्रथम प्रकाश' (scientific first light) प्राप्त होगा।

ELT के विशाल प्राइमरी मिरर में 798 छोटे मिरर होंगे, जिनमें से प्रत्येक में तीन पिस्टन और 12 एज सेंसर लगे होंगे, ताकि इसका सही पैराबॉलिक आकार बना रहे। कुल मिलाकर इसकी चौड़ाई लगभग 39.3 मीटर होगी। गुंबद की लंबाई 22 मंजिल होगी और इसका व्यास 87 मीटर होने की उम्मीद है।
 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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