गजब! चीन समुद्र के अंदर बना रहा डेटा सेंटर, 60 लाख कंप्‍यूटरों को मिलेगी ‘ताकत’

Underwater Data Center : चीन की योजना साल 2025 तक 100 डेटा सेंटर ब्‍लॉक लगाने की है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 12 दिसंबर 2023 17:56 IST
ख़ास बातें
  • दावा- चीन में बन रहा दुनिया का पहला अंडरवॉटर डेटा सेंटर
  • समुद्र में 35 मीटर नीचे बनाया जा रहा डेटा सेंटर
  • इससे जगह और बिजली की होगी बचत

चीन के हैनान प्रांत में समुद्र के तट पर दुनिया का पहला कमर्शल अंडरवॉटर डेटा सेंटर बनाने का काम चल रहा है।

Photo Credit: China Daily

इंटरनेट पर हर रोज डिज‍िटल इन्‍फर्मेशन पैदा हो रही है। इसे डेटा सेंटरों में स्‍टोर किया जाता है। डेटा सेंटर को तैयार करने में बहुत ज्‍यादा जगह की जरूरत होती है। कंपनियों को डेटा सेंटर में कूलिंग का इंतजाम भी करना पड़ता है, जिसमें बहुत ज्‍यादा बिजली खर्च होती है। इससे निपटने के लिए चीन एक नए आइडिया पर काम कर रहा है। वह पानी के अंदर डेटा सेंटर बना रहा है। हालांकि यह कोई आसान काम नहीं है, पर अगर ऐसा हो जाता है, तो सीधे तौर पर दो फायदे होंगे।   

चाइना डेली की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन की योजना साल 2025 तक 100 डेटा सेंटर ब्‍लॉक लगाने की है। इसके लिए 68 हजार वर्ग मीटर जगह चाहिए होगी। आसान भाषा में समझाएं तो इतनी जगह में 13 फुटबॉल मैदान बनाए जा सकते हैं। डेटा सेंटर पानी के अंदर होंगे तो जगह की बचत हो जाएगी। 

रिपोर्ट कहती है कि चीन के हैनान प्रांत में समुद्र के तट पर दुनिया का पहला कमर्शल अंडरवॉटर डेटा सेंटर बनाने का काम चल रहा है। यह एक गेम चेंजर होगा क्‍योंकि लगभग 60 लाख कंप्‍यूटरों की जरूरत इससे पूरी की जा सकेगी। 

समुद्र में लगभग 35 मीटर नीचे इस डेटा सेंटर को स्‍थापित किया जा रहा है। डेटा सेंटर का एक फायदा यह भी होगा कि बड़ी मात्रा में बिजली बचाई जा सकेगी। याद रहे कि डेटा सेंटरों को AC के जरिए ठंडा रखा जाता है। समुद्र में लगाए जा रहे डेटा सेंटर को AC की जरूरत नहीं होगी और हर घंटे 122 मिलियन किलोवॉट बिजली की बचत होगी। इतनी बिजली करीब डेढ़ लाख चीनी नागरिकों की जरूरत पूरा कर सकती है। 

फ‍िर भी चीन के लिए यह काम आसान नहीं है। डेटा सेंटरों को पानी में फ‍िट करना ही बड़ी चुनौती होगी, क्‍योंकि पानी का दबाव मशीनों को बर्बाद कर सकता है। अगर चीन पानी के अंदर 100 डेटा सेंटर तैयार कर लेता है, तो करीब 60 लाख कंप्‍यूटरों को इससे सपोर्ट मिल पाएगा।   
Advertisement

रिपोर्ट कहती है कि पानी के अंदर डेटा सेंटर बनाने का आइडिया नया नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट भी इसका प्‍लान बना चुकी है। हालांकि इस दिशा में चीन ने पहले कदम उठाया है। हैनान में लग रहे डेटा सेंटर को तैयार करने में सरकार के साथ-साथ प्राइवेट कंपनियों की भी भागीदारी है। हरेक डेटा सेंटर को इस तरह डिजाइन किया गया है क‍ि वह 25 साल तक ऑपरेट हो सके।  
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus Turbo 6 में होगा 165Hz डिस्प्ले, दमदार प्रोसेसर, 8 जनवरी को होने जा रहा लॉन्च
  2. वर्क फ्रॉम होम के मजे इस भारतीय IT कंपनी ने किए खत्म, बनाएं नए नियम
  3. 200 मेगापिक्सल कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ Realme 16 Pro,16 Pro+ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola ने लॉन्च किया अपना Signature फोन, चार 50 मेगापिक्सल कैमरा से लैस
  2. वर्क फ्रॉम होम के मजे इस भारतीय IT कंपनी ने किए खत्म, बनाएं नए नियम
  3. OnePlus Turbo 6 में होगा 165Hz डिस्प्ले, दमदार प्रोसेसर, 8 जनवरी को होने जा रहा लॉन्च
  4. Amazon ने Alexa+ का वेब वर्जन कर दिया लॉन्च, जानें यूजर्स को मिलेंगे कैसे फीचर्स
  5. AI गर्लफ्रेंड ने कर लिया ब्रेकअप! वायरल हुई 'डिजिटल प्रेम कहानी'
  6. WhatsApp लेकर आया AI स्टिकर्स, अपनी पसंद से खुद बनाएं और करें शेयर
  7. गणतंत्र दिवस की परेड देखें मात्र 20 रुपये में, मोबाइल से ऑनलाइन बुक करें टिकट, ये है पूरा तरीका
  8. 25 घंटे की बैटरी के साथ JBuds Mini ANC ईयरबड्स लॉन्च, IP55 रेटिंग से लैस, जानें कीमत
  9. Samsung का फ्लिप स्मार्टफोन मिल रहा 50 हजार रुपये सस्ता, यहां होगी जबरदस्त बचत
  10. 160, 120 फीट बड़े एस्टरॉयड्स से पृथ्वी को खतरा आज!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.