जर्मनी के एक स्कूल में थर्ड स्टैंडर्ड के बीमार स्टूडेंट की जगह पढ़ाई करने जाता है रोबोट!

रोबोट अवतार का यह प्रोजेक्ट बर्लिन के Marzahn-Hellersdorf डिस्ट्रिक्ट में एक लोकल काउंसिल के माध्यम से प्राइवेट पेड बेसिस पर चलाया जा रहा है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 16 जनवरी 2022 21:09 IST
ख़ास बातें
  • रोबोट क्लास के बाकी बच्चों से भी करता है बात।
  • लोकल काउंसिल प्राइवेट पेड बेसिस पर चला रही है प्रोजेक्ट।
  • स्टूडेंट को है फेफडों की गंभीर बीमारी।

क्लास के बाकी बच्चे भी रोबोट से बातें करते हैं।

जर्मनी में एक 7 साल का बच्चा बीमार पड़ा तो उसकी जगह रोबोट स्कूल जाने लगा। यह रोबोट क्लास में उस बच्चे की जगह बैठता है। Joshua Martinangeli नाम के इस स्टूडेंट की पढ़ाई में रुकावट न आए इसके लिए उसका रोबोट अवतार स्कूल की क्लास में जाता है। जब भी जोशुआ को कुछ कहना होता है तो यह रोबोट पलकें झपकाता है। 

बर्लिन में Pusteblume-Grundschule की हेडमिस्ट्रेस Ute Winterberg ने रॉयटर्स को एक इंटरव्यू में बताया, "क्लास के बच्चे उससे (रोबोट से) बात करते हैं, उसके साथ हंसते हैं और पढ़ाई के वक्त उससे चिट-चैट भी करते हैं।"

जोशुआ की मां Simone Martinangeli ने बताया कि उसका बेटा स्कूल में क्लासेज अटेंड नहीं कर सकता है क्योंकि फेफड़ों की गंभीर बीमारी के कारण उसकी गर्दन में एक ट्यूब पहनाई गई है। 

रोबोट अवतार का यह प्रोजेक्ट बर्लिन के Marzahn-Hellersdorf डिस्ट्रिक्ट में एक लोकल काउंसिल के माध्यम से प्राइवेट पेड बेसिस पर चलाया जा रहा है। काउंसिल का कहना है कि जिले में इसने स्कूलों के लिए इस तरह के 4 रोबोट अवतार उपलब्ध करवाए हैं। इसके पीछे की प्रेरणा थी- कोरोना महामारी। काउंसिल का मानना है कि महामारी के बाद यह एजुकेशन का भविष्य है। 

काउंसिल से जुड़े एक काउंसिलर ने कहा कि कई बार ऐसा होता है जब अलग-अलग कारणों से कोई बच्चा स्कूल नहीं जा पाता है। ऐसे में रोबोटिक अवतार उस बच्चे को स्कूल से जुड़ा होने में मदद करता है और उसे अहसास करवाता है कि वो भी स्कूल कम्यूनिटी का एक हिस्सा है। काउंसिल इस प्रोजेक्ट को राज्य स्तर पर राजनीतिक चर्चा के लिए भी आगे ला चुकी है। 
Advertisement

जोशुआ की क्लास के एक बच्चे Noah Kuessner ने यह पूछे जाने पर कि क्या वह जोशुआ को स्कूल में दोबारा देखना चाहता है, कहा कि उसे यह पसंद है। उसने कहा कि चाहे जोशुआ का रोबोट अवतार हो या चाहे खुद जोशुआ हो, उसे यह पसंद है। 

जोशुआ के एक और क्लासमेट Beritan Aslanglu ने कहा कि यह ज्यादा अच्छा रहेगा अगर जोशुआ खुद भी स्कूल आ सके। 
Advertisement

मॉडर्न टेक्नोलॉजी एक तरफ जहां रोजमर्रा की जिन्दगी में नई नई सहूलियतें लेकर आ रही है वहीं, यह इन्सानों की सोशल लाइफ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्कूलों में रोबोट अवतार वास्तव में किसी गंभीर बीमारी या महामारी के समय पढ़ाई जारी रखने का बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
Advertisement

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Lava Bold N2 5G vs Redmi A7 Pro vs Realme Narzo 70x 5G: 15K में कौन सा रहेगा बेस्ट?
  2. Sony का फ्लैगशिप हेडफोन WH-1000XM6 नए अवतार में भारत आया
#ताज़ा ख़बरें
  1. फ्रॉड से बचाव के लिए Aadhaar को कैसे करें लॉक, ये ऐप देगी पूरा समाधान
  2. आईफोन मेकर Apple का बदला रुख, भारत में बिजनेस के डेटा की CCI को देगी जानकारी 
  3. OnePlus Turbo 6X में मिल सकता है 6.72 इंच फुल HD+ LCD डिस्प्ले, 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा
  4. 50 डिग्री में भी करेगा ठंडा! Optimist ने भारत में लॉन्च की नई 5-स्टार इन्वर्टर AC सीरीज
  5. जो चीज दिख रही है, वही खरीदना चाहते हैं? Amazon का AI करेगा काम आसान, नए टूल्स हुए रिलीज
  6. Upcoming Smartphones (June 2026): Redmi से Samsung तक, इस महीने लॉन्च हो सकते हैं ये नए फोन
  7. Xiaomi mini LED TV FX भारत में 43,55,65 और 75 इंच डिस्प्ले के साथ लॉन्च, जानें कीमत
  8. Xiaomi ने लॉन्च किए 10,000mAh और 20,000mAh पावर बैंक, इनमें बैटरी हेल्थ भी कर सकेंगे चेक
  9. Sony का फ्लैगशिप हेडफोन WH-1000XM6 नए अवतार में भारत आया
  10. 50 मेगापिक्सल कैमरा, 6500mAh बैटरी वाला Xiaomi 17T भारत में लॉन्च, जानें क्या कुछ है खास
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.