Amazon के मालिक 20 जुलाई को अंतरिक्ष से 3 मिनट के लिए देखेंगे 'नीले ग्रह' के अद्भुत नजारे!

Jeff Bezos 20 जुलाई को अंतरिक्ष में जाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन वह बहुत लंबे समय तक वहां नहीं रहेंगे। अपनी कंपनी Blue Origin के नए Shepard स्पेसशिप में वह यह अंतरिक्ष यात्रा करेंगे।

विज्ञापन
हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 15 जून 2021 11:18 IST
ख़ास बातें
  • न्यू शेपर्ड स्पेशिप से लगभग 11 मिनट की होगी यह यात्रा।
  • जेफ बेजोस और उनके साथियों के पास अंतरिक्ष में रुकने के लिए होंगे 3 मिनट।
  • जेफ बेजोस ने कहा- पांच साल की उम्र से देखा था अंतरिक्ष में जाने का सपना।

न्यू शेपर्ड स्पेसशिप में यात्रा करने वाले जेफ बेजोस पहले शख्स होंगे।

Jeff Bezos 20 जुलाई को अंतरिक्ष में जाने की तैयारी कर रहे हैं। मगर वह बहुत लंबे समय तक वहां नहीं रहेंगे। अपनी कंपनी Blue Origin के नए Shepard स्पेसशिप में वह यह अंतरिक्ष यात्रा करेंगे। हांलाकि वह केवल तीन मिनट तक के लिए वहां स्पेस से चमकती पृथ्वी का नजारा ले पाएंगे। उसके बाद उन्हें वापस लौटना होगा। 

बेजोस ने Blue Origin की स्थापना साल 2000 में की थी। वह अपने इस लॉन्च सिस्टम के माध्यम से सैलानियों को स्पेस की सैर कराना चाहते थे। न्यू शेपर्ड का मकसद एकदम साफ है। यह स्पेसशिप लोगों को उनकी जिन्दगी की सबसे यादगार यात्रा करवाएगा। जिसमें पैसा लेकर कस्टमर्स को स्पेस में किसी स्पेसशिप की सबसे बड़ी खिड़की से कुछ अद्भुत नजारे दिखाए जाएंगे। 

बेजोस इस स्पेसशिप में यात्रा करने वाले पहले शख्स होंगे। साथ में उनके भाई मार्क भी होंगे। इसके अलावा तीसरी सीट के लिए जो व्यक्ति सबसे अधिक बोली लगाएगा उसको तीसरी सीट की जगह दी जाएगी। एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बेजोस ने शेयर किया कि वह पांच साल की उम्र से ही स्पेस की यात्रा करने का सपना देखते आ रहे हैं। वह इस फ्लाइट पर इसलिए जाना चाहते हैं क्योंकि यह उनकी जिन्दगी का मकसद है।
 

रोचक बात यह है कि इस स्पेसशिप में कोई पायलट नहीं होगा। वेस्ट टेक्सास से यह स्वचालित सिस्टम से उड़ान भरेगा। न ही इसमें कोई स्पेस-सूट का इस्तेमाल किया जाएगा।  उड़ान भरने के दो-तीन मिनट के बाद यह पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण क्षेत्र को पार कर जाएगा और उसके बाद स्पेस में मौजूद लोगों के लिए तीन मिनट का समय और होगा। इस तीन मिनट में वो सीट बेल्ट खोलकर स्पेसशिप में वजनरहित अनुभव के साथ तैरते हुए स्पेसशिप के अंदर से बाहर अंतरिक्ष का नजारा देख सकेंगे। 

इस स्पेसशिप की विंडो इतनी बड़ी होगी कि यह स्पेसशिप के कुल सर्फेस का एक तिहाई होगी। विंडो में एक तरफ पृथ्वी के पूरे वक्र का खूबसूरत नजारा होगा तो दूसरी तरफ घना काला अनंत अंतरिक्ष। अंतरिक्ष के इस अद्भुत नजारे के दौरान आने वाली भावना को अंतरिक्षयात्रियों ने "the Overview Effect" का नाम दिया है। 
Advertisement

रॉन गारन, एक अंतरिक्ष यात्री जिन्होंने अंतरिक्ष में 177 दिन बिताए थे, ने 2013 में "Overview" नामक एक डॉक्यूमेंट्री में इस अनुभव का वर्णन किया था। रॉन के शब्दों में- "जब हम अंतरिक्ष से पृथ्वी को नीचे देखते हैं, तो हम इस अद्भुत, अवर्णनीय रूप से सुंदर ग्रह को देखते हैं। यह एक जीवित, सांस लेने वाले जीव की तरह दिखता है। लेकिन साथ ही, यह बेहद नाजुक भी दिखता है"।

संक्षिप्त में कहें तो New Shepard स्पेसशिप मात्र एक या दो मिनट में Kármán line को पार कर जाएगा। Kármán line समुद्र तल से 62 मील (100 किलोमीटर) की ऊंचाई पर एक काल्पनिक सीमा रेखा है। फिर जैसे ही गुरुत्वाकर्षण अपने प्रभाव से स्पेसशिप को वापस अपनी ओर खींचेगा तो यह पृथ्वी की ओर गिरने लगेगा। इसी समय इस कैप्सूल से तीन पैराशूट निकलेंगे जिनके द्वारा ये हवा में तैरते हुए फिर से नीचे पृथ्वी पर आ उतरेगा। नीचे एक क्रू टीम बेजोस और उनके साथियों के लिए इंतजार कर रही होगी। 
Advertisement

इस पूरी यात्रा की अवधि लगभग 11 मिनट होगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि न्यू शेपर्ड एक सबऑर्बिटल रॉकेट है। यह बहुत छोटा है और इसके इंजनों में इतना जोर नहीं है कि वह खुद को कक्षा में धकेल सके। तो बेजोस सहित इसकी सवारी करने वाले किसी भी पर्यटक को अंतरिक्ष के किनारे से ऊपर झांकने के लिए एक नजारा मिलेगा।
Advertisement

एक अन्य रॉकेट कंपनी Virgin Galactic ने पहले भी इसी तरह की सबऑर्बिटल उड़ानों में लोगों को उड़ाया है। मगर उनके मिशन के लिए पायलटों को अपने विमान जैसे वाहन को लैंड करने की आवश्यकता होती है। New Shepard के लिए पूरी उड़ान स्वचालित है इसलिए इस पर कोई पायलट या पेशेवर अंतरिक्ष यात्री नहीं होंगे।

Blue Origin ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि बेजोस या उनके साथी अपनी उड़ान के दौरान एक दबावयुक्त स्पेस-सूट और हेलमेट पहनेंगे या नहीं। मगर कंपनी की वेबसाइट बताती है कि न्यू शेपर्ड के यात्री सिर्फ जंपसूट ही पहनेंगे।
Advertisement
नासा के अंतरिक्ष यात्री और उनके अंतरराष्ट्रीय समकक्ष सभी लॉन्च या लैंड करते समय दबाव वाले स्पेस-सूट पहनते हैं। 1986 में Challenger त्रासदी के बाद नासा ने इसकी आवश्यकता शुरू की, जब लॉन्च के दौरान स्पेस शटल टूट गया, जिससे सभी सात चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Jeff Bejos, New Shepard Spaceship

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Poco X8 Pro Max vs Oppo Reno 15C 5G vs Redmi Note 15 Pro+ 5G: कौन सा रहेगा बेहतर?
  2. 7,500mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ OnePlus 15T, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Vivo T5x 5G पर मिल रहा 2 हजार का डिस्काउंट, आज से सेल शुरू
#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus India के CEO Robin Liu ने छोड़ा पद, कंपनी ने दिया बयान
  2. 7,500mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ OnePlus 15T, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Android के बाद अब Apple यूजर्स की बारी, फोन में दिखाई देंगे Ads!
  4. दिमाग से कंट्रोल हो रहा है लैपटॉप! Neuralink इम्प्लांट के बाद शख्स ने शेयर किया 100 दिनों का अनुभव
  5. Samsung Galaxy Z Fold 8 के स्पेसिफिकेशंस लीक, 5000mAh बैटरी, स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 से होगा लैस
  6. Vivo X300 Ultra में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का Sony कैमरा, अगले सप्ताह होगा लॉन्च 
  7. iQOO Z11 में होगा MediaTek Dimensity 8500 चिपसेट, डुअल रियर कैमरा सेटअप
  8. OnePlus Nord 6 होगा 7 अप्रैल को 9000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें क्या हैं खासियतें
  9. NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
  10. Vivo T5x 5G पर मिल रहा 2 हजार का डिस्काउंट, आज से सेल शुरू
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.