300 किलो का सैटेलाइट कल सुबह पृथ्‍वी पर गिरने वाला है! क्‍या मचा देगा तबाही? जानें

RHESSI Satellite : Nasa ने कहा है कि सैटेलाइट के ज्‍यादातर हिस्‍से के अंतरिक्ष में ही जल जाने की उम्‍मीद है। हालांकि कुछ कॉम्‍पोनेंट बचे रह सकते हैं।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 18 अप्रैल 2023 14:13 IST
ख़ास बातें
  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने दी जानकारी
  • नासा का स्‍पेसक्राफ्ट दोबारा करेगा पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश
  • हालांकि नासा को किसी नुकसान की उम्‍मीद नहीं है

RHESSI Satellite : नासा को उम्‍मीद है कि RHESSI सैटेलाइट की वजह से धरती पर कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।

Photo Credit: Nasa

अंतरिक्ष में घूम रहे कई सैटेलाइट्स अब सर्विस में नहीं हैं और पृथ्‍वी के लिए खतरा बने हुए हैं। ऐसा ही एक सैटेलाइट कल यानी बुधवार को हमारे ग्रह के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है। इस सैटेलाइट का नाम है- Reuven Ramaty हाई एनर्जी सोलर स्पेक्ट्रोस्कोपिक इमेजर (RHESSI)। यह एक अमेरिकी सैटेलाइट है, जिसे साल 2018 में रिटायर कर दिया गया था। तभी से यह पृथ्‍वी के चारों ओर एक ऐसी कक्षा में चक्‍कर लगा रहा था, जिससे इसके हमारे ग्रह पर क्रैश होने की संभावना बनी हुई थी।

नासा के अनुसार, RHESSI सैटेलाइट ने लगभग 21 साल तक सर्विस दी। इस सैटेलाइट की जि‍म्‍मेदारी सूर्य से निकलने वाले सोलर फ्लेयर्स और कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) को देखना था। जानकारी के अनुसार, 300 किलोग्राम वजनी RHESSI सैटेलाइट बुधवार को पृथ्‍वी के वायुमंडल में दोबारा एंट्री करेगा। अमेरिका का रक्षा विभाग इस सैटेलाइट की कक्षा की निगरानी कर रहा है। 

एक बयान में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने कहा है कि सैटेलाइट के ज्‍यादातर हिस्‍से के अंतरिक्ष में ही जल जाने की उम्‍मीद है। पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही सैटेलाइट नष्‍ट हो सकता है, हालांकि कुछ कॉम्‍पोनेंट बचे रह सकते हैं। नासा को उम्‍मीद है कि RHESSI सैटेलाइट की वजह से धरती पर कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा। 

सर्विस में रहने के दौरान RHESSI सैटेलाइट ने सोलर फ्लेयर्स और कोरोनल मास इजेक्‍शन के बारे में कई जरूरी जानकारियां दीं। गौरतलब है कि सोलर फ्लेयर्स और सीएमई वो सौर घटनाएं हैं, जिनके प्रभाव से पृथ्‍वी पर पावर ग्रिड से लेकर जीपीएस सिस्‍टम तक ठप हो सकते हैं। ये विनाशक हों, तो अंतरिक्ष में हमारे सैटेलाइट्स को बर्बाद कर सकते हैं। अपने मिशन के दौरान RHESSI सैटेलाइट ने 1 लाख से ज्‍यादा सोलर इवेंट्स को रिकॉर्ड किया। 

अब यह सैटेलाइट क्रैश होने जा रहा है। नासा ने अनुमान लगाया है कि RHESSI सैटेलाइट भारतीय समय के अनुसार कल सुबह 7:00 बजे पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश कर सकता है। देखना होगा कि पृथ्‍वी पर इसका कितना असर होता है। 
 

 

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