स्कैम और साइबर क्राइम से बचने के लिए McAfee ने पेश किया नया AI टूल, नकली आवाजों के पहचानेगा!

McAfee का AI इनोवेशन पर ध्यान स्पष्ट है, प्रोजेक्ट मॉकिंगबर्ड यूजर्स के डिजिटल जीवन की सुरक्षा के उद्देश्य से AI मॉडल के व्यापक पोर्टफोलियो का हिस्सा है।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 8 जनवरी 2024 20:35 IST
ख़ास बातें
  • CES 2024 में McAfee ने दिखाया Project Mockingbird
  • डीपफेक को पहचानने का काम करेगी यह टेक्नोलॉजी
  • वर्तमान में 90% एक्युरेसी रेट का किया गया है दावा
McAfee Corp. ने कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES 2024) में प्रोजेक्ट मॉकिंगबर्ड (Mockingbird) नाम से अपनी AI-पावर्ड डीपफेक (Deepfake) ऑडियो डिटेक्शन तकनीक को पेश किया है। इस तकनीक का उद्देश्य घोटालों, साइबरबुलिंग और पब्लिक फिगर्स के वीडियो में हेरफेर के लिए बनाए गए AI-जनरेटेड ऑडियो का इस्तेमाल करने वाले साइबर क्रिमिनल्स का पता लगाना है। यह टेक्नोलॉजी साइबर अपराधियों द्वारा तेजी से अपनाए जाने वाले जेनरेटिव एआई टूल के उपयोग को कम करने का काम करेगी। आजकल साइबर अपराधी इस तरह के जनरेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर लोगों के परिवार के सदस्य या कोई अन्य जान-पहचान का व्यक्ति बनकर स्कैम करने का काम करते हैं।

इनोवेशन और थ्रेट इंटेलिजेंस ब्रांच, McAfee Labs ने प्रोजेक्ट मॉकिंगबर्ड के हिस्से के रूप में एक एडवांस AI मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल वीडियो में एआई-जनरेटेड ऑडियो की पहचान करने के लिए प्रासंगिक, व्यवहारिक और श्रेणीबद्ध पहचान विधियों का उपयोग करता है। McAfee का दावा है कि 90% की वर्तमान एक्युरेसी रेट के साथ, टेक्नोलॉजी गलत इरादा रखने वाले डीपफेक या "चीप फेक" का पता लगा सकती है और यूजर्स को मजबूत सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
Advertisement

McAfee के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर स्टीव ग्रोबमैन ने इस बात पर जोर दिया कि यह एआई डिटेक्शन टूल यूजर्स को डिजिटल कंटेंट की प्रामाणिकता का आकलन करने के लिए इनसाइट देता है। टेक्नोलॉजी को कई जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिनमें क्लोन किए गए सेलिब्रिटी स्कैम का पता लगाने से लेकर राजनीतिक हस्तियों से संबंधित वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि करना शामिल है।

McAfee का AI इनोवेशन पर ध्यान स्पष्ट है, प्रोजेक्ट मॉकिंगबर्ड यूजर्स के डिजिटल जीवन की सुरक्षा के उद्देश्य से AI मॉडल के व्यापक पोर्टफोलियो का हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि CES 2024 में टेक्नोलॉजी को पेश करना AI समाधान विकसित करने के लिए McAfee की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Advertisement

Project Mockingbird का नाम मॉकिंगबर्ड्स के व्यवहार से लिया गया है, जो अन्य पक्षियों के चहचहाने की नकल करने के लिए जाने जाते हैं। इसी तरह, साइबर अपराधी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के लिए आवाजों को क्लोन करने के लिए जेनरेटिव एआई का उपयोग करते हैं।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Poco X8s लॉन्च हुआ 6300mAh बैटरी फीचर, IP68 रेटिंग के साथ
  2. भारत में गिरी स्मार्टफोन की बिक्री, फोन महंगे होने से 26% हुई कम शिपमेंट, जानें टॉप 5 में कौन रहा आगे
  3. Honor WIN Turbo2 लॉन्च: 12070mAh बैटरी, 50MP कैमरा से लैस, जानें सबकुछ
  4. Redmi K100 में मिलेगा 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में Apple के बिजनेस की तेज रफ्तार, 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हुआ रेवेन्यू
  2. Realme C01 के जल्द लॉन्च की तैयारी, 6,500mAh हो सकती है बैटरी
  3. स्मार्टफोन मार्केट में जल्द होगी Karbonn Mobiles की वापसी, Karbonn Rebel 5G के लॉन्च की तैयारी
  4. Motorola के नए वाइड-फोल्डिंग स्मार्टफोन में मिल सकता है Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट
  5. OnePlus Ace 7 सीरीज में गेमिंग के लिए मिलेगा एक्टिव कूलिंग सिस्टम
  6. SBI डाटा लीक, क्या हुआ और कैसा डाटा था, अकाउंट है तो क्या करना चाहिए?
  7. Honor WIN 2 हुआ लॉन्च, 10100mAh बैटरी, 200MP दो कैमरा के साथ, जानें कीमत
  8. Honor WIN Turbo2 लॉन्च: 12070mAh बैटरी, 50MP कैमरा से लैस, जानें सबकुछ
  9. Redmi K100 में मिलेगा 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  10. Oppo की पहला वाइड फोन लॉन्च करने की तैयारी! 8000mAh बैटरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.