सड़क पर एक-दूसरे से 'बात' करेंगी गाड़ियां! भारत सरकार ला रही V2V टेक्नोलॉजी, जानिए कैसे करेगी काम

भारत सरकार 1 अक्टूबर 2028 से नए वाहनों में Vehicle-to-Vehicle (V2V) Communication System अनिवार्य करने की तैयारी में है। जानिए यह तकनीक कैसे काम करती है और सड़क हादसों को कम करने में कैसे मदद करेगी।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 4 अगस्त 2026 13:44 IST
ख़ास बातें
  • 2028 से नए वाहनों में V2V सिस्टम अनिवार्य करने का प्रस्ताव
  • वाहन स्पीड, लोकेशन और ब्रेकिंग जैसी जानकारी आपस में शेयर करेंगे
  • इसका उद्देश्य सड़क हादसों को कम करना और ड्राइविंग को सुरक्षित बनाना है

V2V तकनीक के जरिए वाहन आपस में रियल-टाइम जानकारी शेयर कर सकेंगे

Photo Credit: AI Generated

भारत सरकार सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक नई तकनीक लागू करने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत 1 अक्टूबर 2028 से देश में बनने वाले सभी नए वाहनों में Vehicle-to-Vehicle (V2V) Communication System अनिवार्य किया जा सकता है। अगर यह नियम लागू होता है, तो कार, बाइक, बस और ट्रक जैसे वाहन एक-दूसरे से रियल-टाइम में डिटेल्स शेयर कर सकेंगे, जिससे सड़क हादसों को कम करने में मदद मिल सकती है।

Vehicle-to-Vehicle (V2V) Communication ऐसी वायरलेस तकनीक है, जिसमें वाहन आपस में सीधे डेटा शेयर करते हैं। यह सिस्टम आसपास मौजूद दूसरे वाहनों को लगातार अपनी स्पीड, दिशा, लोकेशन, ब्रेक लगाने की स्थिति और अन्य जरूरी जानकारी भेजता रहता है। इसके लिए वाहनों को मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती। यह डेटा हर सेकंड कई बार अपडेट होता है, जिससे आसपास चल रहे वाहन संभावित खतरे का पहले ही अंदाजा लगा सकते हैं।

टेक्नोलॉजी कैसे करती है काम और कहां है यूजफुल?

मान लीजिए आपकी कार के आगे एक बड़ा ट्रक चल रहा है और उसके आगे अचानक कोई दुर्घटना हो जाती है। ट्रक तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाता है, लेकिन आपको वह घटना दिखाई नहीं देती। ऐसे में V2V सिस्टम वाला ट्रक आसपास मौजूद अन्य वाहनों को तुरंत सिग्नल भेज देगा कि उसने अचानक ब्रेक लगाया है। यह जानकारी मिलते ही आपकी कार ड्राइवर को चेतावनी दे सकती है। भविष्य में ऐसे सिस्टम ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स) के साथ मिलकर ऑटोमैटिक ब्रेकिंग जैसे फीचर्स में भी मदद कर सकते हैं।

कई बार मोड़, फ्लाईओवर या इमारत की वजह से सामने से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता। V2V सिस्टम ऐसी स्थिति में भी दूसरे वाहन की लोकेशन और दिशा की जानकारी पहले ही शेयर कर सकता है। इससे ब्लाइंड स्पॉट, चौराहों और कम विजिबिलिटी वाले इलाकों में होने वाले हादसे कम किए जा सकते हैं।

Advertisement

भविष्य में यही तकनीक एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। इमरजेंसी वाहन आसपास मौजूद गाड़ियों को पहले ही अलर्ट भेज सकेंगे, जिससे उन्हें रास्ता मिलने में आसानी होगी। इसके अलावा स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के साथ जुड़ने पर ट्रैफिक जाम कम करने और बेहतर रूट मैनेजमेंट में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या ADAS और V2V एक ही चीज हैं?

नहीं। ADAS और V2V दोनों अलग तकनीकें हैं। ADAS कैमरा, रडार और LiDAR जैसे सेंसर की मदद से वाहन के आसपास की स्थिति को समझता है। वहीं V2V दूसरे वाहनों से सीधे डिजिटल जानकारी प्राप्त करता है। जब दोनों तकनीकें साथ काम करती हैं, तो व्हीकल को सड़क पर क्या चल रहा है, इसकी ज्यादा सटीक और पहले से जानकारी मिल सकती है।

Advertisement

क्या पुरानी गाड़ियों में भी लगेगा यह सिस्टम?

फिलहाल ऐसा नहीं है। ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक यह नियम केवल 1 अक्टूबर 2028 के बाद बनने वाले नए वाहनों पर लागू होगा। पुराने वाहनों में इसे अनिवार्य करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल सामने नहीं आया है।

Advertisement
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. पाकिस्तान में Vivo ने 7050mAh बैटरी वाला V80 Lite 5G किया पेश, भारत के इस फोन का है रीब्रांडेड वर्जन
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में 25 साल से कम उम्र के युवा Crypto में कर रहे जमकर निवेश, रिपोर्ट में आया चौंकाने वाला डेटा
  2. Haier Mini LED M70 स्मार्ट टीवी लॉन्च, 43 से लेकर 85 इंच डिस्प्ले का है ऑप्शन, जानें कीमत
  3. रफ्तार के बादशाह Usain Bolt का भी रिकॉर्ड तोड़ गया ये रोबोट, चीन में चल रहे ‘Robot Olympics’ में दिखाया जलवा
  4. EV में आई खराबी तो इंजीनियर ने खुद रिपेयर कर डाली, सर्विस सेंटर से बहुत कम आया खर्च!
  5. ₹3 हजार तक महंगे हुए Moto Edge 60 Fusion और Edge 70 Fusion, सस्ती कीमत में खरीदने का आज आखिरी मौका!
  6. स्पेस में होगा भारत का अपना स्टेशन, जाने कब बनकर होगा तैयार, ISRO चेयरमैन का खुलासा
  7. BGMI Redeem Codes: देर हो जाए, उससे पहले रिडीम कर लो ये 50 नए कोड, फ्री मिलेंगे कई रिवॉर्ड
  8. Lava Virat V1 Pro 5G ने दी 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी के साथ दस्तक, जानें सबकुछ
  9. TVS की बिक्री में आया उछाल! iQube, Jupiter, Apache, Ntorq से लेकर Ronin तक, यहां देखें हर मॉडल की सेल्स
  10. पाकिस्तान में Vivo ने 7050mAh बैटरी वाला V80 Lite 5G किया पेश, भारत के इस फोन का है रीब्रांडेड वर्जन
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.