इनक्लोव, दिव्यांग लोगों के लिए बने इस ख़ास डेटिंग और मैचमेकिंग ऐप के बारे में जानें

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नैना गुप्ता, अपडेटेड: 13 दिसंबर 2016 12:06 IST
ख़ास बातें
  • इनक्लोव को ख़ासतौर पर दिव्यांगों के लिए बनाया गया है
  • यह ऐप एक ऑफलाइन मैचमेकिंग एजेंसी से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में तब्दील हुआ
  • इनक्लोव पर 2000 लोग आपस में मिल चुके हैं
कहा जाता है कि प्रेम किसी बंधन को नहीं मानता, लेकिन यह बात दिव्यांगों के लिए असंभव ही लगती है। एक तरफ जहां ये लोग अपने जीवन को अर्थपूर्ण बनाने के लिए लगातार अपनी लड़ाई लड़ते हैं वहीं दूसरी तरफ वे समाज में अपने अस्तित्व को बनाए रखने की कोशिश भी करते हैं।

एक नए डेटिंग और मैचमेकिंग ऐप के साथ अब दिव्यांग भी 'प्यार' की भावनाओं को जान और समझ सकते हैं। ये ऐप इन लोगों को आम लोगों की तरह ही अपनी भावनाएं प्रकट करने का एक जरिया बना है। इनक्लोव, एक ऐसा ऐप्लिकेशन है जो दिव्यांग लोगों के लिए जीवनसाथी ढू़ंढने में मदद करता है। एक कॉमर्श ग्रेजुएट कल्याणी खोना ने इस ऐप की शुरुआत की। बात जब अक्षम लोगों के लिए प्यार तलाशने की आई तो कल्याणी ने इस ऐप के साथ पहल की।

गैज़ेट्स 360 के साथ बातचीत में कल्याणी ने कहा कि, ''दिव्यांगों के लिए मैचमेकिंग एजेंसी और किसी भी तरह के दूसरे प्लेटफॉर्म के ना होने से वो दुखी थीं। इसकी नींव एक तरह से 2014 में उस समय रखी गई जब दिव्यांगों को मिलाने के लिए एक ऑफलाइन मैचमेकिंग एजेंसी 'वांटेड अम्ब्रेला' शुरू की गई। लेकिन कम दृष्टि वाले लोगों के लिए ऐप और पोर्टल की कमी के बाद यह एजेंसी दिव्यांगो को मिलाने वाली ऑनलाइन मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म 'इनक्लोव' में तब्दील हो गई। ''

अब तक ऐप के जरिए कितने लोगों की शादी होने के सवाल पर कल्याणी कहती हैं कि, हम शादियों को ट्रैक नहीं करते। हम अपने ऐप पर सिर्फ मैचमेकिंग ही पता कर सकते हैं और अब तक ऐप के जरिए 2000 लोग आपस में मिल चुके हैं। 2000 लोगों को अलग-अलग फोन कर यह पूछना बेहद मुश्किल है कि बाद में क्या हुआ। हम एक मैचमेकिंग ऐप हैं और हमारा काम है एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना जहां लोग मिल सकें और एक दूसरे से जुड़ सकें।
 

कल्याणी ने गैज़ेट्स 360 को बताया कि किसी दूसरे ऐप की तरह ही इनक्लोव को डाउनलोड करने वाले लोगों में पुरुषों की संख्या ज्यादा है। लेकिन बात करें ऑफलाइन मीट-अप (सोशल स्पेस) की तो इसमें स्त्री और पुरुषों की भागीदारी 50-50 प्रतिशत है। इन्क्लोव ऐप को 5000 लोग इस्तेमाल कर रहे हैं और 2000 लोग इस ऐप के जरिए आपस में मिल चुके हैं।
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इन्क्लोव को क्षेत्रीय भाषाओं जैसे (हिंदी, तमिल, बांग्ला) में भी लॉन्च किए जाने की योजना है। इसके जरिए लोग गूगल प्लेस्टोर से इस मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर लाइफ पार्टनर ढूंढ सकते हैं।

बात करें ऐप की सुरक्षा और सिक्योरिटी की तो इस ऐप में महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए कोई भी स्क्रीनशॉट नहीं ले सकता है। इसके अलावा ऐप में स्पैम प्रोफाइल को रोकने के लिए मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन की भी सुविधा है।
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इन्क्लोव ऐप के फ़ीचर:
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एक्सेसिबिलिटी: रेटिना डिसऑर्डर या कलर ब्लांइडनेस वाले लोग अलग-अलग फॉन्ट साइज़ और कलर चुन सकते हैं। इसके अलावा, कम दृष्टि वाले लोग स्क्रीन रीडर और टॉक बैक के जरिए ऐप को एक्सेस कर सकते हैं।

सेफ्टी: निज़ी जानकारी सुरक्षित रहती है और स्पैमर व फर्जी प्रोफाइल ऐप पर नहीं मिलतीं।
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चैट: इस ऐप के जरिए यूज़र आपस में इन-ऐप चैट फ़ीचर का इस्तेमाल कर चैट कर सकते हैं। इसका बड़ा फ़ायदा यह है
कि लोगों को अज़नबियों के साथ अपने ईमेल और फोन नंबर साझा नहीं करने पड़ते।

इन्क्लूसिविटी: इस फ़ीचर में अक्षम (मानसिक, शारीरिक रूप से) लोगों की प्रोफाइल शामिल हैं।

मैचेबिलिटी: इस फ़ीचर के जरिए आप उम्र, लोकेशन, डिसेबिलिटी, मेडिकेशन एंड क्योर की उपलब्धता के आधार पर किसी पार्टनर को खोज सकते हैं।

इसके अलावा, ऐप द्वारा हर महीने ऑफलाइन मीट अप भी आयोजित किए जाते हैं जिन्हें 'सोशल स्पेस' कहा जाता है। सोशल स्पेस सभी रजिस्टर्ड यूज़र के लिए है। 28 अगस्त 2016 में इस तरह की मीटिंग को ब्रिटिश काउंसिल के साथ आयोजित किया गया जिसे 'सोशल स्पेस फॉर पीपुल विद डिसेबिलिटी' नाम दिया गया।
 

'सोशल स्पेस' एक ऐसा इनोवेटिव प्लेटफॉर्म है जो सभी यूज़र के लिए खुला है। इन मीट-अप के जरिए दिव्यांग लोगों के लिए ऐसा माहौल उपलब्ध कराया जाता है जो उन्हें साथ वक्त गुज़ारने के लिए बाहर नहीं मिलता क्योंकि सभी लोकेशन दिव्यांगों के हिसाब से नहीं होतीं।

इनक्लोव के काम करने का तरीका:
एक बार यूज़र द्वारा ऐप डाउनलोड करने के बाद उनसे अपनी पहचान वेरिफाई करने के लिए कहा जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद, इनक्लोव यूज़र अलग-अलग फिल्टर का इस्तेमाल कर दूसरे लोगों को सर्च कर सकते हैं। सभी यूज़र को अपनी अक्षमता के बारे में जानकारी साझा करनी होती है।  इनमें हेल्थ डिसऑर्डर, मेडिकल असिस्टेंस और उनकी आज़ाद खयालों की जानकारी शामिल है। इसके अलावा यूज़र को अपनी उम्र, शौक और पेशे की जानकारी भी देनी होती है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, किसी यूज़र द्वारा फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद ऐप फोन नंबर या ईमेल आईडी नहीं दिखाता। यूज़र इन-ऐप चैट फ़ीचर के जरिए बातचीत कर सकते हैं।

इन्क्लोव ऐप्लिकेशन सिर्फ भारत में उपलब्ध है और अभी यह सिर्फ एंड्रॉयड पर ही डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है। लेकिन जल्द ही इसके आईओएस प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होने की उम्मीद है।

 

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ये भी पढ़े: , Inclov, Dating app, matchmaking app, differently abled app, apps
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