AI के जवाबों से उठ रहा ग्राहकों का विश्वास, चाहिए भरोसेमंद सोर्स!

सर्वे में शामिल चार में से तीन लोगों का कहना है कि 10 साल पहले के मुकाबले अब इंटरनेट 'कम मानवीय' लगता है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 17 जून 2026 16:57 IST
ख़ास बातें
  • नई रिपोर्ट कहती है कि ग्राहकों का भरोसा जीतना अब आसान नहीं रह गया है
  • जो ब्रांड अपने मैसेज में AI का इस्तेमाल करते हैं, वे उन्हें पसंद नहीं आते
  • बिना साफ़ जानकारी वाले AI-जनरेटेड जवाबों पर भरोसा करना हुआ मुश्किल

60% ग्राहकों को नहीं पसंद आ रहे ब्रांड्स के AI मैसेज

Photo Credit: Magnific

AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। यह हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है जिसमें अब विज्ञापन भी शामिल हो चुके हैं। ग्राहक को विज्ञापन देखते हैं उनमें भी AI इस्तेमाल हो रहा है। यहां तक कि सर्च इंजन जो रिजल्ट दिखाता है उसमें भी कंपनियां अब कोशिशों में लगी हैं कि AI के जवाबों में ब्रांड का लिंक डाला जा सके। इसी के चलते अब ग्राहक AI के जवाबों में अब ज्यादा भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। नई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है कि ग्राहकों का रुझान AI जवाबों में कम हो रहा है। आइए जानते हैं विस्तार से AI और ग्राहकों के बीच के इन नए ट्रेंड के बारे में। 

WordPress VIP की ओर से जारी नई रिपोर्ट  (via) कहती है कि ग्राहकों का भरोसा जीतना अब आसान नहीं रह गया है। AI में किसी ब्रांड का लिंक डालना बहुत आसान है लेकिन ग्राहक उस पर भरोसा करे, यह जरूरी नहीं। WordPress VIP, Automattic की एक कंपनी है जो WordPress पब्लिशिंग प्लेटफ़ॉर्म का एंटरप्राइज़ वर्जन देती है। जैसे-जैसे ब्रांड AI सर्च रिज़ल्ट में अपने लिंक दिखाने की होड़ में लगे हैं, ग्राहक इस बात को लेकर ज़्यादा शक करने लगे हैं कि क्या वे सच में उन जवाबों पर भरोसा कर सकते हैं जो उन्हें मिल रहे हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 60% ग्राहकों का कहना है कि जो ब्रांड अपने मैसेज में AI का इस्तेमाल करते हैं, वे उन्हें पसंद नहीं आते। साथ ही, 86% ग्राहक AI पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते और असली सोर्स के बारे में जानना चाहते हैं। रिपोर्ट बताती है कि 42% ग्राहकों ने कहा कि बिना साफ़ जानकारी वाले AI-जनरेटेड जवाबों पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है। यह वैसा ही है जैसे एयरलाइन की फीस, उलझाने वाली प्राइवेसी पॉलिसी और इंश्योरेंस या मेडिकल पॉलिसी पर भरोसा करना हो। 

सर्वे में शामिल चार में से तीन लोगों का कहना है कि 10 साल पहले के मुकाबले अब इंटरनेट 'कम मानवीय' लगता है। जैसे-जैसे कंपनियाँ AI सर्च इंजन पर अपने ब्रांड की मौजूदगी बढ़ाने के लिए ज़्यादा निवेश कर रही हैं, वैसे-वैसे ग्राहक पारदर्शिता और क्रेडिट को ज़्यादा अहमियत दे रहे हैं। रिपोर्ट अप्रैल में 2000 लोगों पर किए गए एक सर्वे पर आधारित है। जिसमें 800 एंटरप्राइज़ फ़ैसले लेने वाले अधिकारी और CMO, तथा 1,200 अमेरिकी वयस्क शामिल थे।
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 8 हजार से सस्ता खरीदें 25 हजार एमआरपी वाला Motorola फोन! 50MP कैमरा, 5200mAh बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. BMW लाई भारत में सस्ती लग्जरी कार X1 LWB, कीमत ₹49.90 लाख से शुरू, जानें फीचर्स
  2. Apple Jobs Cuts: 200 लोगों की Apple से छुट्टी, Siri, Vision Pro और सॉफ्टवेयर टीम से छंटनी
  3. Honor Pad X10 Pro Max टैबलेट हुआ लॉन्च, 10,100 mAh बैटरी, फ्रंट में हैं दो कैमरा!
  4. मोबाइल मार्केट में 'मेक इन इंडिया' की धूम! 99% से ज्यादा मोबाइल फोन भारत खुद बना रहा
  5. चाइनीज कंपनी Unitree के 'सुपरमैन' रोबोट ने तोड़े रिकॉर्ड, 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ा, वीडियो वायरल
  6. 32, 43 इंच बजट TV जल्द हो सकते हैं महंगे! Hisense India सीईओ ने चेताया
  7. 8 हजार से सस्ता खरीदें 25 हजार एमआरपी वाला Motorola फोन! 50MP कैमरा, 5200mAh बैटरी
  8. EV खरीदने के लिए ₹10 लाख से कम बजट? ये 4 टॉप इलेक्ट्रिक कार हैं आपके लिए
  9. Samsung Galaxy S26 FE में हो सकते हैं तीन कलर्स के ऑप्शन
  10. Vivo T5 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 3D कर्व्ड डिस्प्ले
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.