OTP का जमाना गया? बैंक और टेलीकॉम ला रहे हैं नया साइलेंट सिस्टम, फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक!

बैंक और टेलीकॉम कंपनियां OTP की जगह साइलेंट ऑथेंटिकेशन सिस्टम पर काम कर रही हैं, जिससे फ्रॉड कम किया जा सके।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 3 अप्रैल 2026 18:33 IST
ख़ास बातें
  • बैंक और टेलीकॉम OTP की जगह नया सिस्टम लाने की तैयारी में है
  • SIM swap और क्लोनिंग फ्रॉड को रोकने पर फोकस
  • RBI के 2FA नियमों के तहत नए ऑथेंटिकेशन तरीके अपनाए जाएंगे

बैंकिंग में OTP की जगह नया साइलेंट ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू होने की तैयारी

Photo Credit: Pexels/ JÉSHOOTS

बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर में OTP आधारित ऑथेंटिकेशन को धीरे-धीरे बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। देश के बड़े प्राइवेट बैंक और टेलीकॉम कंपनियां कथित तौर पर मिलकर एक नए “silent authentication mechanism” पर काम कर रही हैं, जो बिना यूजर की किसी कार्रवाई के बैकग्राउंड में ही वेरिफिकेशन कर देगा। इस सिस्टम में यह चेक किया जाएगा कि बैंकिंग ऐप से जुड़ा मोबाइल नंबर डिवाइस में मौजूद एक्टिव SIM से मैच करता है या नहीं। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो ट्रांजैक्शन को तुरंत फ्लैग या ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे फ्रॉड के मामलों को कम करने में मदद मिलेगी।

ET Telecom की लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि इस नई टेक्नोलॉजी को eSIM एनवायरनमेंट तक भी बढ़ाने की योजना है, ताकि SIM क्लोनिंग और अनऑथराइज्ड eSIM स्वैप जैसे फ्रॉड्स को रोका जा सके। ये दोनों तरीके आमतौर पर OTP इंटरसेप्ट करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में silent authentication एक एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर के तौर पर काम करेगा।

इसके साथ ही टेलीकॉम कंपनियां OTP डिलीवरी के तरीके में भी बदलाव पर विचार कर रही हैं। अब पारंपरिक SMS के बजाय अपने ऐप्स के जरिए OTP भेजने के ऑप्शन पर काम हो रहा है, क्योंकि SMS आधारित सिस्टम इंटरसेप्शन के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील माना जाता है।

वहीं, दूसरी तरफ बैंक भी कथित तौर पर नए ऑथेंटिकेशन तरीकों को अपनाने लगे हैं। इसमें Aadhaar बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स में इन-ऐप OTP जनरेशन जैसे फीचर्स शामिल हैं। ये सभी बदलाव रिसर्व बैंक के टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) नियमों के तहत किए जा रहे हैं, जो 1 अप्रैल से लागू हो चुके हैं।

रिपोर्ट आगे बताती है कि नए फ्रेमवर्क के मुताबिक, हर डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए दो अलग-अलग फैक्टर्स जरूरी होंगे, जैसे पासवर्ड या PIN (कुछ जो यूजर जानता है), OTP या ऐप टोकन (कुछ जो यूजर के पास है), या बायोमेट्रिक (कुछ जो यूजर है)। हालांकि SMS OTP को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन बैंकों और फिनटेक कंपनियों को ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक ऑप्शन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस बदलाव के साथ WhatsApp जैसे थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स के लिए भी रास्ता खुल सकता है, जहां ट्रांजैक्शनल OTP भेजे जा सकते हैं। अनुमान है कि हर महीने करीब 10 अरब OTP मैसेज भेजे जाते हैं, जो कुल मैसेजिंग मार्केट का बड़ा हिस्सा है।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. एल्युमिनियम फॉयल बना देगा घर के वाई-फाई का दमदार, जहां चाहेंगे वहां मिलेगा तेज नेटवर्क
  2. ₹2450 सस्ता मिल रहा 6000mAh बैटरी वाला Motorola स्मार्टफोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 18 Pro Max के कैमरा स्पेसिफिकेशंस लीक में कंफर्म, आ रहा बड़ा अपग्रेड!
  2. ₹5 की शुरुआती टिकट के साथ भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा से शुरू
  3. 50MP कैमरा, 6500mAh बैटरी के साथ Tecno Camon 50 Ultra 5G लॉन्च, जानें सबकुछ
  4. एल्युमिनियम फॉयल बना देगा घर के वाई-फाई का दमदार, जहां चाहेंगे वहां मिलेगा तेज नेटवर्क
  5. भारत में AI बना पहली पसंद, 60% यूजर्स AI चैटबॉट पर सर्च से करते हैं दिन की शुरुआत
  6. Realme बंद कर रहा दुनिया के सबसे बड़े आबादी वाले देश में अपना काम, जानें क्यों
  7. ₹2450 सस्ता मिल रहा 6000mAh बैटरी वाला Motorola स्मार्टफोन
  8. Lenovo Legion R9000P हुआ लॉन्च, IJP OLED डिस्प्ले वाला दुनिया पहला गेमिंग लैपटॉप, जानें क्या है इसमें खास
  9. Motorola Edge 70 Max vs Samsung Galaxy A57 5G vs OnePlus 15R: ₹60 हजार में कौन सा है बेस्ट
  10. Kia ने पेश की Syros EV, जानें रेंज, फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.