आउट ऑफ कंट्रोल हुए चीनी रॉकेट का मलबा धरती पर इस जगह गिरा

चीन अंतरिक्ष में अपना खुद का स्पेस स्टेशन बना रहा है। इस स्टेशन का नाम तियांगोंग स्‍पेस स्‍टेशन (Tiangong Space Station) होगा और इसी के पहले हिस्से को Long March 5B Y2 रॉकेट के साथ भेजा गया था।

विज्ञापन
नितेश पपनोई, अपडेटेड: 10 मई 2021 11:18 IST
ख़ास बातें
  • चीन ने अंतरिक्ष में भेजा था अपने स्पेस स्टेशन प्रोग्राम का पहला हिस्सा
  • मॉड्यूल को तय जगह पर छोड़ने के बाद आउट ऑफ कंट्रोल हुआ रॉकेट
  • रविवार को हिंद माहासागर में गिरा था Long March 5B Y2 का मलबा

Long March 5B को 29 अप्रैल को अंतरिक्ष के लिए रवाना किया गया था

पिछले कुछ दिनों से चीनी रॉकेट Long March 5B ने कई देशों की नींद उड़ा रखी थी। खबर थी कि रॉकेट आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है और उसका मलबा किसी भी समय धरती पर कहीं भी गिर सकता है। अमेरिका समेत कई देशों को इससे खतरा था। कई दिनों के बाद अब सभी देशों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इस चीनी रॉकेट (Chinese Rocket) का मलबा रविवार को मालदीव के पास हिंद महासागर (Indian Ocean) में गिर गया। बीते कुछ दिनों से चीन का यह 21 टन वजनी रॉकेट अंतरिक्ष में अनियंत्रित होकर पृथ्वी के चक्कर लगा रहा था। यदि यह पूरा रॉकेट या इसका एक छोटा हिस्सा भी धरती पर किसी रिहायशी इलाके में गिर जाता, तो निश्चित तौर पर एक बड़ा हादसा हो सकता था। 

चीन के सरकारी अखबार ChinaDaily की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी स्पेस एजेंसी China Manned Space Agency (CMSA) ने रविवार को घोषित किया कि चीनी रॉकेट Long March 5B Y2 रॉकेट का बड़ा हिस्सा धरती के वातावरण में प्रवेश करते समय ध्वस्त हो गया और बचा हुआ हिस्सा हिंद माहासागर में गिर गया। इस रॉकेट ने बीजिंग के समयानुसार सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश किया और कुछ समय बाद यह समुद्र के एक खुले क्षेत्र में गिर गया।

चीन अंतरिक्ष में अपना खुद का स्पेस स्टेशन बना रहा है। इस स्टेशन का नाम तियांगोंग स्‍पेस स्‍टेशन (Tiangong Space Station) होगा और इसी के पहले हिस्से को लॉन्ग मार्च 5बी वाई2 रॉकेट के साथ भेजा गया था। इस रॉकेट ने स्पेस स्टेशन के मॉड्यूल को सफलतापूर्वक अपने तय स्थान पर छोड़ दिया था, लेकिन वापस आते समय यह अनियंत्रित हो गया और पिछले कुछ दिनों से इसने सभी देशों की नाक में दम किया हुआ था। 

चीन आगामी हफ्तों में अपने अंतरिक्ष केंद्र कार्यक्रम के लिए कुछ अन्य रॉकेट भी भेज सकता है। खबर है कि चीन अपने इस स्पेस स्टेशन को 2022 तक पूरा करने की योजना बना रहा है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हमें इससे खतरा है। स्पेस प्रोग्राम में इस तरह के हादसे होते रहते हैं। इससे पहले भी कई देशों के स्पेस प्रोग्राम विफल हो चुके हैं।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Amazon अब Prime Video के लिए फिल्म, TV शो बनाने में AI का करेगी इस्तेमाल!
  2. Vivo V70, V70 Elite का इंडिया लॉन्च 19 फरवरी को, इस प्राइस रेंज में आएंगे 6500mAh बैटरी वाले फोन्स
  3. Oppo Reno 15C 5G vs Redmi Note 15 Pro+ 5G vs OnePlus Nord 5: 40K में कौन सा फोन है बेस्ट
  4. NASA के ऐतिहासिक Artemis II मिशन लॉन्च में होगी देरी! बताई वजह
#ताज़ा ख़बरें
  1. पासपोर्ट स्टेटस ऑनलाइन कैसे करें चेक, आवेदन से लेकर, पुलिस वेरिफिकेशन और डिस्पैच का मिलेगा अपडेट
  2. Amazon अब Prime Video के लिए फिल्म, TV शो बनाने में AI का करेगी इस्तेमाल!
  3. Oppo Reno 15C 5G vs Redmi Note 15 Pro+ 5G vs OnePlus Nord 5: 40K में कौन सा फोन है बेस्ट
  4. Xiaomi 17 Ultra जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 6,000mAh हो सकती है बैटरी
  5. Oppo Reno 15c 5G की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  6. iQOO 15R में मिलेगा 50 मेगापिक्सल Sony LYT कैमरा, जल्द होगा भारत में लॉन्च
  7. 10000mAh बैटरी वाला पावरबैंक Portronics Moji 10 लॉन्च, जानें कीमत
  8. realme P4 Power 5G की रिकॉर्ड सेल! 10001mAh बैटरी वाले फोन ने मचाई धूम
  9. Oppo Reno 15c 5G की सेल लाइव, 7000mAh बैटरी वाले नए ओप्पो फोन को 10% डिस्काउंट पर खरीदने का मौका!
  10. Bharat Taxi Launched: Ola, Uber, Rapido को चुनौती देने आया कोऑपरेटिव प्लेटफॉर्म, जानें क्या है खास
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.