Cloudflare ने क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर हुआ एक बड़ा साइबर अटैक रोका

Cloudflare रिसर्चर्स ने बॉटनेट का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि यह एक ऐसा बॉटनेट था जिसपर उनकी नज़र थी और वे इससे मेल खाने वाले बॉटनेस द्वारा 1 करोड़ rps तक के बड़े हमले देख चुके हैं।

विज्ञापन
शॉमिक सेन भट्टाचार्जी, अपडेटेड: 29 अप्रैल 2022 21:59 IST
ख़ास बातें
  • यह एक HTTPS DDoS अटैक था
  • हमला 1 करोड़ 53 लाख रिक्वेस्ट-प्रति-सेकंड (rps) तक पहुंच गया था
  • क्लाउडफ्लेयर के डिफेंस सिस्टम ने अपने आप रोका था हमला

यह Cloudflare द्वारा रोका गया अब तक का सबसे बड़ा HTTPS DDoS हमला है

वेब सिक्योरिटी के क्षेत्र में खास फोकस करने वाली कंपनी Cloudflare ने पुष्टि की है कि उन्होंने रिकॉर्ड पर सबसे बड़े पैमाने पर फैले डिनायल-ऑफ-सर्विस या DDoS हमलों में से एक को सफलतापूर्वक रोक दिया है, जो एक अज्ञात क्रिप्टोकरेंसी कंपनी को लक्षित करता है। क्लाउडफ्लेयर के डिफेंस सिस्टम द्वारा इस हमले का पता लगाया गया और सिस्टम ने इसे अपने आप ही रोक भी दिया। इस सिस्टम को कंपनी ने अपने ग्राहकों में से एक के लिए स्थापित किया था। हमला 15.3 मिलियन (1 करोड़ 53 लाख) रिक्वेस्ट-प्रति-सेकंड (rps) तक पहुंच गया, जो क्लाउडफ्लेयर के अनुसार, कंपनी द्वारा रोका गया अब तक का सबसे बड़ा HTTPS DDoS हमला है।

कथित तौर पर हमला 15 सेकंड से भी कम समय तक चला और इसने एक क्रिप्टो लॉन्चपैड को टार्गेट किया। क्लाउडफ्लेयर एक्सपर्ट्स ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि यह लॉन्चपैड "संभावित निवेशकों के लिए डिसेंट्रलाइज़्ड फाइनेंस (DeFi) प्रोजेक्ट को पेश करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।"
Advertisement

ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि हमलावर द्वारा उपयोग किए जाने वाले बॉटनेट में लगभग 6,000 यूनिक बॉट शामिल थे, जो दुनिया भर के 112 देशों में 1,300 से अधिक विभिन्न नेटवर्क से पैदा हुए थे, जिसमें लगभग 15 प्रतिशत ट्रैफिक इंडोनेशिया से आया था। सबसे अधिक ट्रैफिक पैदा करने वाले अन्य देशों में रूस, ब्राजील, भारत, कोलंबिया और अमेरिका शामिल हैं।

Cloudflare रिसर्चर्स ने बॉटनेट का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि यह एक ऐसा बॉटनेट था जिसपर उनकी नज़र थी और वे इससे मेल खाने वाले बॉटनेस द्वारा 1 करोड़ rps तक के बड़े हमले देख चुके हैं।
Advertisement

जैसा कि Cloudflare द्वारा बताया किया गया है, एक डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल-ऑफ-सर्विस (DDoS) अटैक अनिवार्य रूप से "इंटरनेट ट्रैफिक की बाढ़ के साथ टार्गेट या उसके आस-पास के बुनियादी ढांचे को भारी करके लक्षित सर्वर, सर्विस या नेटवर्क के सामान्य ट्रैफिक को बाधित करने का एक प्रयास करता है।"
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Cloudflare, Cyber attack, Cryptocurrency
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 10000mAh बैटरी वाला Poco X8 Power 5G मिल रहा ₹8500 सस्ता, Flipkart दिवाली सेल में लिमिटेड है मौका
  2. Samsung Galaxy A38 में मिल सकती है 6,000mAh की बैटरी, 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा
  3. 200MP कैमरा और 7800mAh बैटरी वाली Vivo X500 Series की प्री-बुकिंग शुरू, 25 नवंबर को लॉन्च!
#ताज़ा ख़बरें
  1. 200MP कैमरा और 7800mAh बैटरी वाली Vivo X500 Series की प्री-बुकिंग शुरू, 25 नवंबर को लॉन्च!
  2. Samsung Galaxy A38 में मिल सकती है 6,000mAh की बैटरी, 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा
  3. फ्री में देखें बॉलीवुड फिल्में और म्यूजिक, LG Channels में 170 से ज्यादा चैनल पर मिलेगा एंटरटेनमेंट!
  4. Vivo X500 FE में मिल सकती है 6,500mAh बैटरी, IMDA डेटाबेस पर हुई लिस्टिंग
  5. Apple की iPhone 18 के लॉन्च की तैयारी, 6.3 इंच हो सकता है डिस्प्ले
  6. Delhi Air Pollution: Air Purifier खरीदने का प्लान? ऐसे चुनें अपने घर के लिए सही डिवाइस
  7. Oppo Find X10 Ultra में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट
  8. Karbonn Rebel, Rebel Pro की सेल शुरू, मिल रहा दिवाली सेल में डिस्काउंट भी, जानें कितनी होगी बचत
  9. Samsung Galaxy S25 FE पर ₹20 हजार तक की बचत, Big Billion Days Sale से भी कम हुई कीमत
  10. Excitel दिवाली धमाका ऑफर: 3 महीने तक फ्री मिल रहा 200Mpbs की स्पीड वाला इंटरनेट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.