1 अक्टूबर 2026 से AC, TV, फ्रिज और Washing Machine समेत कई होम अप्लायंसेज की कीमतें बढ़ सकती हैं। जानें किस सामान पर कितनी बढ़ोतरी होगी और इसके पीछे क्या वजह है।
1 अक्टूबर से AC, TV और घरेलू उपकरणों की कीमतें बढ़ने की तैयारी
Photo Credit: Amazon
फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले घर के लिए नया AC, TV, फ्रिज या वॉशिंग मशीन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। 1 अक्टूबर 2026 से कई होम अप्लायंसेज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, AC की कीमतें करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ सकती हैं, जबकि LED TV, वॉशिंग मशीन और फ्रिज जैसे प्रोडक्ट्स की कीमतों में 3 से 4 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। कुछ कंपनियां पहले ही कीमतें बढ़ा चुकी हैं, जबकि कुछ अक्टूबर या नवंबर से नई कीमतें लागू करने की तैयारी में हैं।
PTI को इंडस्ट्री सोर्स के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, AC की कीमतों पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। कई कंपनियां 1 अक्टूबर से करीब 5 से 8 फीसदी तक कीमत बढ़ाने की तैयारी में हैं। हालांकि, हर ब्रांड और हर मॉडल पर एक जैसी बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। कुछ कंपनियां पहले ही कीमतें बढ़ा चुकी हैं।
Daikin ने कथित तौर पर 16 सितंबर से AC की कीमतों में करीब 8 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं Blue Star ने AC और डीप फ्रीजर की कीमतों में 5 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी बताई गई है। LG और Bosch Home Comfort से जुड़े AC की कीमतों में भी करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है।
सिर्फ AC ही नहीं, बल्कि LED TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन कैटेगरी में कई कंपनियां करीब 3 से 4 फीसदी तक कीमत बढ़ा सकती हैं। Haier ने 1 अक्टूबर से रूम AC की कीमत करीब 5 फीसदी और LED TV व वॉशिंग मशीन की कीमत 2 से 3 फीसदी बढ़ाने की योजना बताई है।
TV बनाने वाली Super Plastronics यानी SPPL भी अक्टूबर के बाद टीवी की कीमतों में करीब 7 फीसदी बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। कंपनी भारत में Thomson, Kodak और Blaupunkt जैसे TV ब्रांड्स से जुड़ी है।
कंपनियों के मुताबिक, कीमत बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत है। AC और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले तांबे, स्टील, एल्युमीनियम, प्लास्टिक और कच्चे तेल से जुड़े सामान की कीमतें बढ़ी हैं। इसके अलावा माल ढुलाई यानी फ्रेट लागत और करेंसी में उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ रहा है।
Haier के मुताबिक, पिछले साल जहां तांबे की कीमत करीब 8,000 से 9,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन थी, वहीं अब यह करीब 14,500 डॉलर तक पहुंच गई है। AC में तांबे का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर प्रोडक्शन कॉस्ट पर पड़ता है।
यह 2026 में घरेलू उपकरणों और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में बढ़ोतरी का तीसरा दौर होगा। Godrej Appliances ने अलग-अलग कैटेगरी में करीब 5 से 7 फीसदी तक बढ़ोतरी की बात कही है। कंपनी के मुताबिक, कुछ ब्रांड अक्टूबर से तो कुछ नवंबर से नई कीमतें लागू कर सकते हैं।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 1 अक्टूबर को हर दुकान पर हर प्रोडक्ट की कीमत तुरंत बढ़ जाएगी। अगस्त और सितंबर में डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने पुरानी कीमतों पर काफी स्टॉक खरीदा है। इसलिए कुछ मॉडल पुराने दाम पर कुछ समय तक मिल सकते हैं। NDTV Profit के मुताबिक, Godrej ने भी बताया है कि पुराना स्टॉक करीब एक से डेढ़ महीने तक चल सकता है।
फेस्टिव सीजन में Amazon और Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ ऑफलाइन स्टोर्स पर भी बड़ी सेल शुरू होने वाली है। ऐसे में जिन लोगों को AC, TV या दूसरे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने हैं, उन्हें सिर्फ डिस्काउंट ही नहीं बल्कि पुराने और नए स्टॉक की कीमत में अंतर पर भी ध्यान देना होगा। यानी 1 अक्टूबर से 5-8 फीसदी बढ़ोतरी की खबर है, लेकिन हर प्रोडक्ट पर इतनी ही बढ़ोतरी हो, यह जरूरी नहीं है। मॉडल, ब्रांड, रिटेलर, पुराने स्टॉक और चल रहे डिस्काउंट के हिसाब से वास्तविक कीमत अलग हो सकती है।
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