Rolls-Royce ने तैयार कर दिया हाइड्रोजन इंजन, अब हवाई जहाज में होगा इस्तेमाल!

रोल्स रॉयस (Rolls-Royce) ने एक क्षेत्रीय एयरक्राफ्ट के इंजन को हाइड्रोजन इंजन में तब्दील कर प्रयोग किया है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 1 दिसंबर 2022 11:17 IST
ख़ास बातें
  • एयरक्राफ्ट AE 2100 के इंजन को कंपनी ने ग्रीन हाइड्रोजन से चलाया।
  • हवाई जहाज में अब पारंपरिक ईंधन की जरूरत खत्म हो सकती है।
  • अभी यह प्रयोग शुरुआती दौर में है।

Rolls Royce ने हाइड्रोजन चालित एयरक्राफ्ट इंजन का सफल परीक्षण किया है।

हवाई जहाज में अब पारंपरिक ईंधन की जरूरत खत्म हो सकती है। रोल्स रॉयस (Rolls-Royce) ने एक ऐसे इंजन को बनाने में कामयाबी पाई है जो कि हाइड्रोजन पर चलेगा। इसके बाद अब तक हवाई जहाजों में इस्तेमाल होते आ रहे पारंपरिक ईंधन से छुटकारा मिल सकता है और एविएशन इंडस्ट्री गैस फ्यूल पर शिफ्ट हो सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि धरती के वातावरण में से कार्बन की मात्रा को कम करने में भी मदद मिलेगी। इसके लिए कंपनी ने ग्राउंड टेस्ट भी कर लिया है। 

रोल्स रॉयस (Rolls-Royce) ने एक क्षेत्रीय एयरक्राफ्ट के इंजन को हाइड्रोजन इंजन में तब्दील कर प्रयोग किया है। एयरक्राफ्ट AE 2100 के इंजन को कंपनी ने ग्रीन हाइड्रोजन, यानि कि ऐसी गैस जिसे हवा, ज्वारभाटीय शक्ति से तैयार किया गया है, से चलाने में कामयाबी पा ली है। ब्रिटिश कंपनी ने सोमवार को एक प्रेस रिलीज में घोषणा कर अपनी इस सफलता के बारे में जानकारी दी। कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट पार्टनर ईजी जेट के साथ मिलकर यह कामयाबी पाई है। दोनों कंपनियां इस बात को साबित करना चाहती हैं कि सिविल एविएशन के लिए हाइड्रोजन एक सेफ फ्यूल बन सकता है। 
Advertisement

अभी यह प्रयोग शुरुआती दौर में है। दोनों कंपनियां इसके लिए लम्बे टेस्ट करने की तैयारी भी कर चुकी हैं। सेकंड टेस्ट में इसके लिए लम्बी फ्लाइट के लिए प्रयोग किया जाएगा। हाइड्रोजन को एक ऐसा विकल्प माना जा रहा है जो 2050 तक एविएशन इंडस्ट्री को इसका कार्बन एमिशन जीरो लेवल तक ले जाने में मदद कर सकता है। प्लेन बनाने वाली कंपनी एयरबस भी फ्रांस की इंजन मेकर कंपनी सीएफएम इंटरनेशनल के साथ काम कर रही है ताकि हाइड्रोजन प्रोपल्शन तकनीक पर प्रयोग किया जा सके। 

हालांकि प्लेन निर्माता कंपनी ने 2021 में यूरोपियन यूनियन में कहा था कि बहुत मुश्किल है कि 2050 तक पारंपरिक ईंधन वाले इंजनों से पूरी तरह से छुटकारा मिल सके, क्योंकि अधितकर एयरलाइंस उस समय तक ट्रेडिशनल जेट इंजनों पर ही निर्भर रहेंगी। इसके साथ ही इस पहलू पर ध्यान देना भी जरूरी है कि अगर एविएशन इंडस्ट्री हाइड्रोजन पर शिफ्ट होती है तो एयरपोर्ट्स के इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से रीडिजाइन करना पड़ेगा। साथ ही एयरफ्रेम्स को भी रीडिजाइन करना पड़ेगा।  
Advertisement

Rolls-Royce इसके अलावा इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट इंजनों पर भी काम कर रही है जो छोटी की दूरी फ्लाइट के लिए काम में लिए जा सकेंगे। हालांकि अभी यह विकास बहुत छोटे स्तर पर है। इसे पूरी इंडस्ट्री के लिए उपलब्ध करवाने में लम्बा समय लग सकता है, ऐसा कहा जा रहा है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iPhone 18 Pro vs Google Pixel 11 Pro XL vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें कौन सा है बेस्ट?
  2. ₹5000 सस्ता मिल रहा खूबसूरत Vivo 5G फोन! 50MP दो कैमरा, IP64 रेटिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple ने वेबसाइट से हटाया, लेकिन अमेजन पर आज भी मिल रहे iPhone 17 Pro, 17 Pro Max, ऐसे खरीदें
  2. Samsung Galaxy S26 Ultra, Galaxy S26 अब CRN प्रोग्राम से खरीद पाएंगे सस्ते में, जानें कितनी होगी बचत
  3. Redmi 17 5G की सेल शुरू, जानें कितने में मिल रहा 50MP कैमरा,7900mAh बैटरी वाला फोन
  4. iPhone 18 Pro vs Google Pixel 11 Pro XL vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें कौन सा है बेस्ट?
  5. Xiaomi लाई AI फीचर्स वाला गैस स्टोव, बर्तन छोड़कर चले गए तो खुद बंद हो जाएगी गैस
  6. iPhone को स्पेस से गिराया, फिर भी नहीं टूटा कवर, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड!
  7. Moto Buds 2 Fusion ईयरबड्स भारत में 17 सितंबर को होंगे लॉन्च, 53 घंटे बैटरी, IP54, IPX2 रेटिंग!
  8. Vivo Buds मात्र ₹1,999 में लॉन्च, 2 दिन से ज्यादा चलेगी बैटरी, गेमिंग के लिए खास फीचर्स भी
  9. iPhone Duo vs Google Pixel 11 Pro Fold vs Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra: जानें कौन सा फोल्डेबल फोन है बेस्ट?
  10. 1 फोल्डेबल iPhone के दाम में खरीद लेंगे Bike, Fridge, AC और TV, फिर भी पैसे बचेंगे
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.